दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 की मतगणना 19 सितंबर को जारी है। सातवें राउंड की गिनती पूरी होने के बाद अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा मुकाबले में बने हुए हैं। एआईएसए-एसएफआई गठबंधन की अनन्या रतूड़ी भी अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं। हालांकि, सातवें राउंड के आंकड़े अभी अंतिम परिणाम नहीं हैं और आगे की गिनती के बाद स्थिति बदल सकती है।
हर राउंड के साथ दिलचस्प हो रहा मुकाबला
डूसू चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत चार केंद्रीय पदों के लिए मतगणना की जा रही है। अध्यक्ष पद पर कुल सात उम्मीदवार मैदान में हैं। शुरुआत से ही यश डबास और विजय शंकर मीणा के बीच मुकाबले पर विशेष नजर बनी हुई है।
सातवें राउंड के बाद यश डबास की बढ़त बरकरार है, लेकिन अभी सभी वोटों की गिनती पूरी नहीं हुई है। इसलिए मौजूदा स्थिति को केवल रुझान माना जा रहा है। अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही अध्यक्ष पद की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
चार केंद्रीय पदों के लिए हो रही वोटों की गिनती
इस चुनाव में अध्यक्ष के अलावा उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए भी मतदान हुआ था। मतदान 18 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और विभागों में कराया गया। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतगणना शुरू हुई।केंद्रीय पैनल के अलावा अलग-अलग कॉलेजों के छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव की मतगणना भी चल रही है। इसी वजह से विश्वविद्यालय परिसर में उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं।
40.46 प्रतिशत रहा मतदान
डूसू चुनाव में इस बार 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बड़ी संख्या में छात्रों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान के दौरान छात्रों से जुड़े कई मुद्दे चर्चा में रहे।
हॉस्टल और आवास, कैंपस की सुविधाएं, सुरक्षा, परिवहन, छात्र कल्याण और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़ी समस्याएं चुनावी चर्चा के प्रमुख विषय रहे। अलग-अलग उम्मीदवारों ने इन मुद्दों को लेकर छात्रों के बीच अपना पक्ष रखा।
मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वोटों की गिनती को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई है। मतगणना केंद्र के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि मतगणना के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। प्रशासन की कोशिश है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।
परिणाम के बाद विजय जुलूस पर भी रोक
डूसू चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस और बड़े सार्वजनिक जश्न को लेकर प्रतिबंध लागू हैं। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।ऐसे में परिणाम आने के बाद भी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
अब अंतिम परिणाम का इंतजार
सातवें राउंड के बाद अध्यक्ष पद पर यश डबास की बढ़त सामने आई है, लेकिन मतगणना पूरी होने से पहले इसे अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। आने वाले राउंड में वोटों का अंतर बदल सकता है।
अब सभी की नजर बाकी राउंड की गिनती और अंतिम घोषणा पर टिकी है। मतगणना पूरी होने के बाद ही डूसू के चारों केंद्रीय पदों पर विजेता उम्मीदवारों की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट होगी।
