अचानक हुई जांच से मचा हड़कंप
भोपाल में त्योहारों के मौसम को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के कई होटल और रेस्टोरेंट्स में औचक निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने किचन, स्टोर रूम, फ्रिज और फ्रीजर के साथ-साथ खाद्य सामग्री रखने की व्यवस्था की जांच की। टीम ने यह भी देखा कि प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
स्टोर में रखी चीजों की भी हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट और उनकी स्थिति की जांच की। कुछ स्थानों पर ऐसी सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई, जिसे इस्तेमाल की निर्धारित अवधि के बाद भी स्टोर किया गया था।
खराब सब्जियों और मशरूम के अलावा कुछ जगह दाल और अन्य खाद्य सामग्री में कीट पाए जाने की जानकारी भी सामने आई। संदिग्ध या खराब सामग्री को अलग करवाकर उसके संबंध में आवश्यक कार्रवाई की गई।
किचन की सफाई पर भी उठे सवाल
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के साथ किचन की स्वच्छता भी जांच के केंद्र में रही। कुछ प्रतिष्ठानों में किचन एरिया के रखरखाव को लेकर कमियां सामने आईं।खुले डस्टबिन, गंदगी, ड्रेनेज की समस्या और किचन के कुछ हिस्सों में साफ-सफाई की कमी जैसी बातें निरीक्षण के दौरान सामने आईं। भोजन तैयार करने वाली जगहों पर स्वच्छ वातावरण बनाए रखना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है।
कीट नियंत्रण व्यवस्था की खुली जांच
कुछ किचन में कॉकरोच की मौजूदगी के प्रमाण मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने पेस्ट कंट्रोल से जुड़ी व्यवस्था पर भी ध्यान दिया।
रेस्टोरेंट के किचन में कीटों की मौजूदगी खाद्य पदार्थों को दूषित करने का जोखिम बढ़ा सकती है। इसी वजह से अधिकारियों ने संबंधित प्रतिष्ठानों में कीट नियंत्रण की व्यवस्था और उससे जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की।
फ्रिज में रखे सामान पर भी नजर
जांच टीम ने रेफ्रिजरेटर और फ्रीजर में रखे खाद्य पदार्थों की स्थिति भी देखी। अधिकारियों ने यह जांचने की कोशिश की कि खाद्य सामग्री उचित तरीके से पैक और स्टोर की गई है या नहीं।
कच्चे और तैयार भोजन को अलग रखना, सही तापमान पर खाद्य पदार्थों का भंडारण करना और सामान पर उचित लेबल लगाना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण में इन पहलुओं को भी शामिल किया गया।
संदिग्ध खाद्य पदार्थों के लिए सैंपलिंग
जहां खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह हुआ, वहां विभाग की टीम ने नमूने लिए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की प्रक्रिया अपनाई गई।प्रयोगशाला रिपोर्ट सामने आने के बाद यह निर्धारित किया जाएगा कि संबंधित खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं। नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
भोपाल में हुई इस जांच के बाद खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के भंडारण और कीट नियंत्रण को लेकर निगरानी बढ़ने की संभावना है।
त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण होटल और रेस्टोरेंट्स में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। विभाग की ओर से आगे भी ऐसे निरीक्षण किए जा सकते हैं, ताकि ग्राहकों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
