नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत BRICS देशों के नेताओं ने संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम भारत मंडपम के बाहर लॉन में आयोजित किया गया, जहां नेताओं ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास का संदेश दिया
एक साथ नजर आए मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग
BRICS सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता एक मंच पर मौजूद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में हो रहे इस सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी खास चर्चा में है।
संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान तीनों नेता एक साथ नजर आए। कार्यक्रम में नेताओं ने पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।
पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया खास संदेश
BRICS देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और टिकाऊ विकास जैसे मुद्दे भी तेजी से महत्वपूर्ण हो रहे हैं।संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम के जरिए नेताओं ने हरित विकास और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया।
भारत मंडपम में हो रहा 18वां BRICS सम्मेलन
18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के नेता वैश्विक शासन, आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में विकासशील देशों की प्राथमिकताओं और वैश्विक दक्षिण की भूमिका को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
शी जिनपिंग की भारत यात्रा बनी खास
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा इस BRICS सम्मेलन की प्रमुख घटनाओं में शामिल है। करीब सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात भी हुई।दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत-चीन संबंधों, व्यापार, आर्थिक सहयोग और दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।शी जिनपिंग की यात्रा ऐसे समय हुई है जब भारत और चीन लंबे समय तक चले सीमा तनाव के बाद अपने द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुतिन की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच भी द्विपक्षीय बातचीत हुई।दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दे बातचीत के प्रमुख विषय रहे। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पौधारोपण कार्यक्रम ने खींचा ध्यान
BRICS नेताओं का संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम सम्मेलन के प्रमुख आकर्षणों में रहा। प्रधानमंत्री मोदी, शी जिनपिंग, व्लादिमीर पुतिन और अन्य नेताओं ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।यह पहल ऐसे समय में हुई है जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में वैश्विक नेताओं की ओर से पर्यावरण संरक्षण को लेकर दिया गया यह संदेश खास महत्व रखता है।
दिल्ली में जुटे कई देशों के नेता
भारत की राजधानी दिल्ली इस समय वैश्विक कूटनीति का बड़ा केंद्र बनी हुई है। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता और प्रतिनिधि वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
भारत अपनी BRICS अध्यक्षता के दौरान आर्थिक विकास, तकनीकी सहयोग, टिकाऊ विकास और वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को प्रमुखता दे रहा है।
मोदी-शी और मोदी-पुतिन मुलाकात पर भी नजर
BRICS सम्मेलन के दौरान होने वाली द्विपक्षीय बैठकों का अपना अलग महत्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकातों को भारत की विदेश नीति और रणनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक तरफ भारत-चीन संबंधों में स्थिरता लाने की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर भारत-रूस के पारंपरिक रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
निष्कर्ष18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत अन्य नेताओं का संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम खास आकर्षण का केंद्र रहा। इस पहल के जरिए पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और टिकाऊ भविष्य का संदेश दिया गया। वहीं, BRICS सम्मेलन के दौरान होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों ने दिल्ली में आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन के कूटनीतिक महत्व को और बढ़ा दिया है।
