मोहम्मद शमी को भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने को लेकर क्रिकेट जगत में लगातार चर्चा हो रही है। अनुभवी तेज गेंदबाज ने घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस और गेंदबाजी का दम दिखाया है, लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी नहीं हो सकी है। इसी बीच पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने शमी के चयन को लेकर अपनी राय सामने रखी है।
टीम से बाहर होने को लेकर गांगुली ने क्या कहा?
सौरव गांगुली ने मोहम्मद शमी के मामले में भारतीय चयनकर्ताओं का बचाव किया। उन्होंने कहा कि शमी को नजरअंदाज किए जाने जैसी बात नहीं है। उनके मुताबिक, शमी भारतीय क्रिकेट के लिए काफी कुछ कर चुके हैं और उनके योगदान को कम करके नहीं आंका जा सकता।
गांगुली ने यह भी संकेत दिया कि किसी खिलाड़ी का चयन केवल उसके पुराने रिकॉर्ड के आधार पर नहीं किया जा सकता। टीम की मौजूदा जरूरतों और खिलाड़ी की स्थिति को भी ध्यान में रखना पड़ता है।
शमी ने घरेलू मैदान पर फिर दिखाई अपनी ताकत
राष्ट्रीय टीम से दूर होने के बावजूद शमी लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। घरेलू मुकाबलों में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से प्रभाव छोड़ा है और यह साबित किया है कि उनमें अभी भी बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता मौजूद है।
दलीप ट्रॉफी में भी शमी का प्रदर्शन चर्चा में रहा। उनके अनुभव ने टीम को महत्वपूर्ण मौकों पर फायदा पहुंचाया और उन्होंने अपनी गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाया।
चैंपियंस ट्रॉफी के बाद नहीं मिली वापसी
शमी ने भारत के लिए आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेला था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए टीम की खिताबी सफलता में योगदान दिया था।इसके बाद से उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं हो पाई। फिटनेस, उम्र और टीम संयोजन जैसे मुद्दों के कारण उनके चयन को लेकर बहस लगातार जारी है।
2027 विश्व कप को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं
मोहम्मद शमी के 2027 वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना पर भी सौरव गांगुली से सवाल किया गया। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई निश्चित दावा नहीं किया।गांगुली का मानना है कि विश्व कप अभी दूर है और तब तक परिस्थितियां काफी बदल सकती हैं। ऐसे में अभी से यह कहना मुश्किल है कि शमी उस टीम का हिस्सा होंगे या नहीं।
अपने करियर का हवाला देकर समझाया मामला
सौरव गांगुली ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड होने के बावजूद किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर बैठना पड़ सकता है।
उनके मुताबिक, क्रिकेट में चयन का फैसला परिस्थितियों और टीम की जरूरत के हिसाब से होता है। ऐसे में शमी के मौजूदा दौर को भी इसी नजरिए से देखा जाना चाहिए।
क्या फिर पहन पाएंगे टीम इंडिया की जर्सी?
शमी के लिए भारतीय टीम में वापसी का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं माना जा सकता। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन और अनुभव उनके पक्ष में हैं।अब उनकी नजरें लगातार अच्छे प्रदर्शन पर होंगी। अगर वह अपनी फिटनेस बरकरार रखते हुए घरेलू क्रिकेट में प्रभावी प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो आने वाले समय में चयनकर्ताओं के सामने उनका नाम फिर मजबूती से आ सकता है।
