दक्षिणी लेबनान में गुरुवार रात एक जोरदार विस्फोट के बाद इलाके में तेज कंपन महसूस किया गया। इस विस्फोट से पैदा हुई भूकंपीय तरंग 4.1 तीव्रता के भूकंप के बराबर दर्ज हुई। हालांकि, यह प्राकृतिक भूकंप नहीं था, बल्कि बड़े पैमाने पर किए गए विस्फोट से उत्पन्न भूकंपीय गतिविधि थी।
अली अल-ताहेर की पहाड़ियों में हुआ बड़ा विस्फोट
यह विस्फोट दक्षिणी लेबनान के अली अल-ताहेर रिज इलाके में हुआ। इजरायली सेना का दावा है कि यहां हिजबुल्लाह का एक बड़ा भूमिगत नेटवर्क मौजूद था, जिसे लंबे अभियान के बाद नष्ट कर दिया गया।
बताया गया है कि भूमिगत सुरंगों का नेटवर्क करीब 2 किलोमीटर से ज्यादा लंबा था। इसमें कमांड सेंटर, हथियारों के भंडार और लंबे समय तक लड़ाकों के रहने के लिए बनाए गए कमरे होने का दावा किया गया है
सुरंगों को उड़ाने के बाद महसूस हुए तेज झटके
सुरंग नेटवर्क को नष्ट करने के लिए किए गए विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इससे पैदा हुई कंपन को 4.1 तीव्रता के भूकंप के रूप में दर्ज किया गया।
स्थानीय इलाकों में भी धमाके की आवाज और कंपन महसूस होने की खबर सामने आई। घटना ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि विस्फोट एक बड़े भूमिगत ढांचे को नष्ट करने के लिए किया गया था।
हिजबुल्लाह के बड़े ठिकाने को निशाना बनाने का दावा
इजरायली सेना के अनुसार, भूमिगत परिसर में हिजबुल्लाह की बदर यूनिट का कमांड सेंटर मौजूद था। यहां रॉकेट, ड्रोन, मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरण रखे होने का भी दावा किया गया है।
इजरायल का कहना है कि इलाके में अभियान के दौरान सतह और भूमिगत दोनों हिस्सों पर परिचालन नियंत्रण स्थापित किया गया और इसके बाद भूमिगत ढांचे को निष्क्रिय किया गया।
रणनीतिक पहाड़ी पर लंबे समय से चल रहा था संघर्ष
अली अल-ताहेर रिज दक्षिणी लेबनान का रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका है। इसकी ऊंचाई और भौगोलिक स्थिति के कारण आसपास के कई गांवों और महत्वपूर्ण मार्गों पर नजर रखी जा सकती है।इसी वजह से यह इलाका हाल के महीनों में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हिजबुल्लाह की ओर से इस कार्रवाई पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
4.1 तीव्रता के आंकड़े ने बढ़ाई चर्चा
इस घटना की सबसे खास बात इसका भूकंपीय असर है। विस्फोट से पैदा हुई तरंगों को 4.1 तीव्रता के भूकंप के बराबर दर्ज किया गया। हालांकि, इसे प्राकृतिक भूकंप बताना सही नहीं होगा, क्योंकि कंपन का कारण बड़े पैमाने पर किया गया नियंत्रित विस्फोट था।
दक्षिणी लेबनान में बढ़ सकता है तनाव
दक्षिणी लेबनान में स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। अली अल-ताहेर क्षेत्र और वहां मौजूद भूमिगत ढांचे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है।सुरंग नेटवर्क के नष्ट होने का दावा हिजबुल्लाह के लिए रणनीतिक झटका माना जा रहा है, लेकिन क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां जारी रहने से आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के कथित भूमिगत नेटवर्क को नष्ट करने के लिए किए गए बड़े विस्फोट ने इलाके में 4.1 तीव्रता के भूकंप जैसा भूकंपीय प्रभाव पैदा किया। यह प्राकृतिक भूकंप नहीं था, बल्कि शक्तिशाली विस्फोट से उत्पन्न कंपन थी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की संभावना है।
