दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या के मामले में अब एक और अहम जानकारी सामने आई है। परिवार के मुताबिक, विक्रम सिंह को हमले से पहले भी उन लोगों की ओर से धमकी दी गई थी, जिनसे उन्होंने घर के बाहर हो रहे शोर को लेकर आपत्ति जताई थी। घटना के बाद परिवार ने पूरी रात का घटनाक्रम बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घर के बाहर हो रहे शोर पर जताई थी आपत्ति
घटना दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी इलाके में हुई। परिवार के मुताबिक, रात करीब 11:30 बजे घर के बाहर कुछ लोग शराब पी रहे थे और काफी शोर कर रहे थे। लगातार हो रही आवाज से परेशान होकर विक्रम सिंह नीचे गए और उन्हें शोर कम करने के लिए कहा। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई।
परिवार का कहना है कि विक्रम सिंह पहले भी इसी तरह की परेशानी को लेकर आपत्ति जता चुके थे और उन्हें पहले धमकी भी दी गई थी। एफआईआर में भी इस बात का उल्लेख होने की जानकारी सामने आई है कि हमले से पहले कुछ लोगों ने उन्हें धमकाया था।
कुछ देर बाद घर तक पहुंचा मामला
परिवार के अनुसार, विक्रम सिंह नीचे जाने के बाद कुछ समय में वापस लौटे, लेकिन उनके पीछे कुछ लोग भी आ गए। इसके बाद घर के बाहर और सीढ़ियों के पास उनके साथ मारपीट की गई।
विक्रम सिंह के बेटे ने बताया कि जब परिवार ने दरवाजा खोला तो उन्होंने अपने पिता को गंभीर हालत में देखा। हमलावर वहां से भाग गए थे। इसके बाद परिवार ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। बेटे के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत बेहद गंभीर थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अस्पताल ले जाते समय बताई थी धमकी की बात
मामले की जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय विक्रम सिंह ने अपने बेटे को बताया था कि जिन लोगों ने उनके साथ मारपीट की, उन्होंने उन्हें पहले भी धमकी दी थी। यह जानकारी अब जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की जांच जारी है और हमले के पीछे की पूरी वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पत्नी ने कहा- न्याय चाहिए, बदला नहीं
विक्रम सिंह की पत्नी ने परिवार की ओर से साफ कहा है कि वे बदला नहीं, बल्कि न्याय चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विक्रम सिर्फ एक संगीतकार नहीं थे, बल्कि परिवार के लिए पति, पिता और बेहद करीबी व्यक्ति थे। अचानक हुई उनकी मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटना दोबारा किसी परिवार के साथ नहीं होनी चाहिए। घटना के बाद मणिपुरी और पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
जांच में कई पहलुओं पर नजर
इस मामले में अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि विवाद किस वजह से इतना बढ़ा और पहले दी गई कथित धमकी का हमले से क्या संबंध था। इसके अलावा हमले के पीछे किसी अन्य मकसद या भेदभाव की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
विक्रम सिंह की मौत ने राजधानी में सुरक्षा और पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। परिवार की मांग है कि जांच पूरी निष्पक्षता से हो और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
