Friday, October 30, 2026
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पाकिस्तान की बल्लेबाजी का शर्मनाक रिकॉर्ड, 74 साल के टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा; जो रूट ने भी रचा इतिहास

by Sagar Sharma
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इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान क्रिकेट टीम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस हार के साथ पाकिस्तान के नाम टेस्ट क्रिकेट के 74 साल के इतिहास का एक ऐसा अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जो इससे पहले कभी नहीं बना था। दूसरी ओर, इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने अपनी कप्तानी में एशियाई टीमों के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट जीत का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया

74 साल में पहली बार लगातार चार पारियों में 200 से कम स्कोर

पाकिस्तान ने 1952 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में टीम की बल्लेबाजी इतनी खराब रही कि लगातार चार टेस्ट पारियों में पाकिस्तान 200 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका। यह उसके 74 साल के टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ है।

लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान की टीम महज 110 रन पर सिमट गई। इससे पहले लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट की दोनों पारियों में पाकिस्तान ने 171 और 135 रन बनाए थे। इसके बाद लॉर्ड्स में दूसरी पारी में भी टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई।

इस तरह पाकिस्तान के पिछले चार टेस्ट स्कोर रहे—171, 135, 110 और 194 रन। लगातार चार पारियों में 200 से कम स्कोर पाकिस्तान के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।

सऊद शकील ने अकेले संभाला मोर्चा

लॉर्ड्स टेस्ट की दूसरी पारी में पाकिस्तान की ओर से सऊद शकील ने शानदार संघर्ष किया। उन्होंने 97 रन की पारी खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल पाया। शान मसूद ने 26 रन बनाए, जबकि कई अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।

इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम को टिकने का मौका नहीं दिया।

ओली रॉबिन्सन और जोश टंग ने बरपाया कहर

इंग्लैंड की जीत में उसके तेज गेंदबाजों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। ओली रॉबिन्सन ने पूरे मुकाबले में आठ विकेट हासिल किए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने भी पाकिस्तान के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।

पहले टेस्ट में भी इंग्लैंड ने पाकिस्तान को एक पारी और 103 रन से हराया था। यानी दोनों मुकाबलों में इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण पाकिस्तान पर पूरी तरह हावी रहा

जो रूट बने एशियाई टीमों के खिलाफ इंग्लैंड के नंबर-1 कप्तान

लॉर्ड्स टेस्ट की जीत जो रूट के लिए भी खास रही। पाकिस्तान के खिलाफ जीत के साथ रूट की कप्तानी में इंग्लैंड ने एशियाई टीमों के खिलाफ 15वीं टेस्ट जीत दर्ज की। इस मामले में उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस को पीछे छोड़ दिया, जिनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने एशियाई टीमों के खिलाफ 14 टेस्ट जीते थे।

एलिस्टर कुक इस सूची में 12 जीत के साथ तीसरे स्थान पर हैं। रूट का यह रिकॉर्ड उनकी कप्तानी और लंबे टेस्ट करियर की निरंतरता को दर्शाता है।

पाकिस्तान का SENA देशों में खराब रिकॉर्ड जारी

पाकिस्तान के लिए समस्या सिर्फ मौजूदा सीरीज तक सीमित नहीं है। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया यानी SENA देशों में उसका प्रदर्शन लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है।

2018 के बाद से पाकिस्तान ने इन देशों में 18 टेस्ट खेले हैं, जिनमें उसे 16 मुकाबलों में हार मिली है। इस दौरान टीम को SENA देशों में आखिरी टेस्ट जीत 2018 में मिली थी।

सीरीज का आखिरी मुकाबला 9 सितंबर से

इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। अब दोनों टीमों के बीच तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाएगा। पाकिस्तान के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी बल्लेबाजी की कमियों को दूर करके सीरीज का अंत जीत के साथ करने की होगी

वहीं इंग्लैंड के लिए यह जीत दिसंबर 2024 के बाद पहली मल्टी-टेस्ट सीरीज जीत है। जो रूट की कप्तानी में टीम ने फिलहाल शानदार शुरुआत की है, लेकिन खुद रूट भी अपनी बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने माना है कि उन्हें रन बनाने के मामले में सुधार की जरूरत है।

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