रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में महिलाओं के अपने मायके और भाइयों के घर जाने की संभावना को देखते हुए परिवहन विभाग ने विशेष तैयारियां की हैं। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने और बहनों को सुरक्षित व सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराने के लिए 150 बसों को विशेष रूप से चलाने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर करीब 250 कर्मचारियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है।
सरकार और परिवहन विभाग का उद्देश्य है कि त्योहार के दौरान महिलाओं को बसों के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े और भीड़भाड़ वाले रूटों पर अतिरिक्त फेरे उपलब्ध कराए जा सकें। रक्षाबंधन पर कई राज्यों में महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। उत्तर प्रदेश में भी महिलाओं को निर्धारित अवधि के दौरान रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया गया है।
महिलाओं के लिए मुफ्त सफर की सुविधा
रक्षाबंधन को देखते हुए महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की विशेष व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश में महिलाओं को 27 अगस्त की सुबह से 29 अगस्त की रात तक रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दिए जाने की जानकारी सामने आई है। महिला यात्री के साथ एक पुरुष सहयात्री को भी निर्धारित व्यवस्था के तहत निशुल्क यात्रा की सुविधा मिल सकती है।
इस पहल का मकसद यह है कि आर्थिक कारणों से किसी महिला को रक्षाबंधन पर अपने भाई के घर जाने में परेशानी न हो। त्योहार के दौरान बसों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक भीड़ रहती है, इसलिए अतिरिक्त बसों और कर्मचारियों की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
150 बसों से बढ़ाए जाएंगे फेरे
यात्रियों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए करीब 150 बसों को अतिरिक्त फेरे लगाने के लिए तैयार रखा गया है। खासकर उन रूटों पर ज्यादा बसें चलाने पर जोर दिया जाएगा जहां रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ती है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बीच भी त्योहार के दौरान यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। गाजियाबाद क्षेत्र में भी यात्रियों की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों के फेरे बढ़ाने की तैयारी की गई है।
250 कर्मचारी संभालेंगे भीड़ और यात्रियों की मदद
बसों के सुचारू संचालन के साथ यात्रियों की सहायता के लिए करीब 250 कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी बस स्टैंड पर यात्रियों को सही रूट की जानकारी देना, बसों की आवाजाही व्यवस्थित करना और भीड़ के समय यात्रियों की मदद करना होगा।
रक्षाबंधन के दौरान बस अड्डों पर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में कर्मचारियों की मौजूदगी से यात्रियों को बस और रूट से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। हरियाणा में भी सरकार ने रक्षाबंधन पर बस स्टैंडों पर वर्दीधारी परिवहन कर्मचारियों की तैनाती और सुरक्षा के लिए पुलिस बल की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष फोकस
त्योहार के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। बस अड्डों पर पुलिस और सुरक्षा कर्मचारियों की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन विभाग और प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बस चालकों और परिचालकों को भी यात्रियों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने और भीड़ के दौरान धैर्य बनाए रखने के निर्देश दिए जाते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र भी सक्रिय रखे जाने की व्यवस्था है।
किन बातों का रखें ध्यान?
मुफ्त यात्रा का लाभ लेने वाली महिलाओं को यात्रा से पहले संबंधित परिवहन विभाग के नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। अलग-अलग राज्यों और परिवहन निगमों में मुफ्त यात्रा की अवधि, बसों के प्रकार और सहयात्री से जुड़े नियम अलग हो सकते हैं।
यात्रियों को भीड़ से बचने के लिए संभव हो तो यात्रा का समय पहले से तय करने और बस स्टैंड पर पर्याप्त समय पहले पहुंचने की सलाह दी जाती है। वहीं बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
रक्षाबंधन पर सरकार की यह पहल बहनों को अपने परिवार तक आसानी से पहुंचने में मदद करने के उद्देश्य से की गई है। अतिरिक्त बसों, कर्मचारियों और सुरक्षा व्यवस्था के जरिए परिवहन विभाग त्योहार के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की तैयारी में जुटा है।
