कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे और आखिरी टेस्ट के दूसरे दिन टीम इंडिया अपनी पहली पारी को आगे बढ़ाने उतरी। कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर भारतीय टीम ने पहले दिन का खेल 300/5 के स्कोर पर समाप्त किया था। दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों की नजर बड़े स्कोर पर थी। हालांकि, दिन की शुरुआत में ही डेब्यू कर रहे सारांश जैन ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और सस्ते में पवेलियन लौट गए।
पहले दिन भारत ने बनाए 300 रन
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। शुरुआत में टीम को केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के विकेट जल्दी गंवाने पड़े, लेकिन इसके बाद देवदत्त पडिक्कल और शुभमन गिल ने पारी को संभाला। पडिक्कल ने शानदार शतक जमाते हुए भारतीय पारी को मजबूती दी, जबकि कप्तान शुभमन गिल ने भी अर्धशतकीय पारी खेली।
गिल के आउट होने के बाद ऋषभ पंत ने 3 रन बनाए, लेकिन चोट लगने के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने पडिक्कल के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की। जडेजा 43 रन बनाकर आउट हुए। दिन का खेल खत्म होने तक ध्रुव जुरेल 7 और सारांश जैन 4 रन बनाकर नाबाद थे।
दूसरे दिन सारांश जैन से थीं उम्मीदें
33 वर्षीय सारांश जैन के लिए यह मुकाबला बेहद खास है। मध्य प्रदेश के इस ऑलराउंडर ने 23 अगस्त को श्रीलंका के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया। उन्हें कुलदीप यादव की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। कप्तान शुभमन गिल के अनुसार, कुलदीप संक्रमण के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।
सारांश जैन ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाई। हालिया रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 518 रन बनाने के साथ 30 विकेट भी हासिल किए थे। दलीप ट्रॉफी में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था, जहां उन्होंने दो मैचों में 16 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए।
बड़ी पारी खेलने का मौका नहीं मिला
पहले दिन चार रन बनाकर नाबाद रहने वाले सारांश जैन से दूसरे दिन उम्मीद थी कि वह ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाएंगे। लेकिन वह अपनी पारी को ज्यादा आगे नहीं बढ़ा सके और सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए। उनके आउट होने से डेब्यू टेस्ट में बल्ले से बड़ी पारी खेलने की उम्मीद फिलहाल पूरी नहीं हो सकी।
हालांकि, सारांश की असली भूमिका गेंदबाजी में भी अहम होगी। वह ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर हैं और कोलंबो की पिच जैसे-जैसे पुरानी होगी, स्पिनरों को मदद मिलने की उम्मीद है।
भारत की नजर बड़े स्कोर पर
दूसरे टेस्ट में भारत पहले ही सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुका है। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 165 रन से हराया था। ऐसे में टीम इंडिया की कोशिश दूसरे मुकाबले में भी दबदबा बनाए रखते हुए सीरीज 2-0 से अपने नाम करने की है।
कोलंबो टेस्ट में भारत के लिए बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी भी महत्वपूर्ण होगी। पहले दिन के प्रदर्शन के बाद टीम ने मजबूत आधार तैयार किया था, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने बीच-बीच में विकेट निकालकर भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।
जुरेल पर भी बड़ी जिम्मेदारी
सारांश जैन के आउट होने के बाद ध्रुव जुरेल पर निचले क्रम को संभालने की जिम्मेदारी बढ़ गई। जुरेल पहले दिन नाबाद लौटे थे और उनके साथ भारतीय पारी को आगे बढ़ाने की उम्मीद थी। भारत अगर 400 रन के पार पहुंचने में सफल रहता है, तो श्रीलंका पर शुरुआती दबाव बनाया जा सकता है।
फिलहाल मुकाबले में भारत की स्थिति मजबूत नजर आ रही है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ा स्कोर तभी उपयोगी साबित होता है जब गेंदबाज भी विपक्षी टीम पर दबाव बना सकें। कोलंबो की पिच और मौसम आने वाले सत्रों में मैच की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
