छोटी उम्र में बच्चे अक्सर अपने पसंदीदा खेल और सपनों को लेकर उत्साहित रहते हैं। किसी को क्रिकेट पसंद होता है तो कोई फुटबॉल या दूसरे खेलों की ओर आकर्षित होता है। लेकिन भारतीय शतरंज के दिग्गज विदित गुजराथी की कहानी इस बात की मिसाल है कि जिंदगी में एक छोटा-सा मोड़ किस तरह भविष्य की पूरी दिशा बदल सकता है।
विदित गुजराथी ने महज 6 साल की उम्र में क्रिकेट खेलने का सपना देखा था। वह क्रिकेट खेलना चाहते थे और स्थानीय क्रिकेट क्लब से जुड़ने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, क्लब में शामिल होने से पहले उन्हें थोड़ा इंतजार करने की सलाह दी गई। इसी दौरान उनके पिता ने उन्हें शतरंज से परिचित कराया। शुरुआत में शतरंज उनके लिए किसी बड़े लक्ष्य का हिस्सा नहीं था। यह बस समय बिताने और अपने पिता के साथ खेलने का एक माध्यम था।
विदित के पिता ही उनके पहले चेस कोच बने। पिता के साथ शतरंज खेलते-खेलते विदित की इस खेल में रुचि बढ़ने लगी। शुरुआत में उनका सबसे बड़ा मकसद अपने पिता को हराना था, लेकिन धीरे-धीरे यही खेल उनके जीवन का जुनून बन गया। शतरंज की बिसात पर मोहरों की चाल समझने से लेकर रणनीति बनाने तक, विदित ने कम उम्र में ही इस खेल की बारीकियों को गंभीरता से समझना शुरू कर दिया।
उनकी मेहनत और प्रतिभा का असर जल्द ही दिखाई देने लगा। विदित ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू की और लगातार अपनी रेटिंग में सुधार किया। वर्ष 2013 में उन्होंने ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया। यह उपलब्धि उनके करियर के सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक थी।
इसके बाद विदित ने अपनी रफ्तार और तेज कर दी। वर्ष 2017 में उन्होंने 2700 Elo रेटिंग का आंकड़ा पार किया। ऐसा करने वाले वह भारत के चौथे खिलाड़ी बने। 2700 की रेटिंग शतरंज की दुनिया में बेहद प्रतिष्ठित मानी जाती है और इसे पार करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है।
विदित गुजराथी की कहानी सिर्फ शतरंज की उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। यह इस बात का उदाहरण है कि शुरुआत में किसी चीज को लेकर मन में कोई बड़ा सपना न हो, फिर भी लगातार अभ्यास, समर्पण और सही मार्गदर्शन उसे जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बना सकता है।
6 साल की उम्र में जिस बच्चे का सपना क्रिकेट खेलने का था, वही बच्चा आगे चलकर भारत के शीर्ष शतरंज खिलाड़ियों में शामिल हुआ। उनके पिता का शुरुआती मार्गदर्शन, खुद को बेहतर बनाने की लगन और शतरंज के प्रति बढ़ता जुनून उनकी सफलता की मजबूत नींव बना।
विदित गुजराथी की यात्रा आज भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। उनकी कहानी बताती है कि कभी-कभी जिंदगी में आया छोटा-सा बदलाव हमें उस मंजिल तक पहुंचा देता है, जिसके बारे में हमने शुरुआत में सोचा भी नहीं होता।
