एम्स्टेलवीन: एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में भारत और इंग्लैंड की महिला हॉकी टीमें आज, 20 अगस्त को आमने-सामने हैं। नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वागेनर हॉकी स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला पूल डी के दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत अब तक टूर्नामेंट में अजेय है और दूसरे दौर में अपनी जगह पक्की करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।
भारत की नजर पूल डी में शीर्ष स्थान पर
भारतीय महिला टीम ने विश्व कप अभियान की शुरुआत दुनिया की चौथे नंबर की टीम और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन के खिलाफ 2-2 के रोमांचक ड्रॉ से की थी। इसके बाद भारत ने दक्षिण अफ्रीका को एकतरफा मुकाबले में 6-1 से हराकर शानदार वापसी की। दो मैचों में भारत के खाते में चार अंक हैं और बेहतर गोल अंतर के कारण टीम पूल डी में मजबूत स्थिति में है।
अब इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए बेहद अहम है। भारतीय टीम जीत के साथ पूल में शीर्ष स्थान हासिल करना चाहेगी और बिना हार के अगले चरण में जाना चाहेगी।
ड्रॉ भी भारत के लिए काफी हो सकता ह
मुकाबले से पहले भारत के समीकरण काफी मजबूत हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉ भी भारत को दूसरे दौर में पहुंचाने के लिए पर्याप्त हो सकता है। हालांकि टीम का लक्ष्य केवल क्वालीफाई करना नहीं, बल्कि जीत हासिल करके पूल में शीर्ष स्थान पर रहना है।
2026 विश्व कप के प्रारूप में भी बदलाव किया गया है। इस बार पारंपरिक क्वार्टर फाइनल चरण नहीं है। शुरुआती चार पूलों में से शीर्ष दो टीमें अगले चरण में पहुंचेंगी और इसके बाद सेमीफाइनल की दौड़ आगे बढ़ेगी। इसलिए शुरुआती पूल मुकाबलों में हर अंक बेहद महत्वपूर्ण है।
इंग्लैंड भी आसान चुनौती नहीं
इंग्लैंड की महिला टीम भारत के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। इंग्लैंड ने भी टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत की है और उसकी टीम के पास विश्व कप स्तर का काफी अनुभव है। भारत और इंग्लैंड की भिड़ंत ऐसे समय हो रही है जब दोनों टीमों की नजर अगले चरण पर है।
इंग्लैंड की टीम के लिए यह मुकाबला खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूल डी में चीन, भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरे चरण की जगहों को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। ऐसे में मुकाबले का परिणाम पूरे पूल की तस्वीर बदल सकता है।
सलिमा टेटे की कप्तानी में नई उम्मीद
भारत की कमान सलिमा टेटे के हाथों में है। यह उनका बतौर कप्तान पहला विश्व कप है। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का अच्छा मिश्रण है। सविता, नवनीत कौर, निक्की प्रधान, नेहा, लालरेमसियामी और सुशीला चानू जैसी अनुभवी खिलाड़ी टीम को मजबूती दे रही हैं।
भारत ने विश्व कप से पहले एफआईएच नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता था। इस सफलता ने टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और अब खिलाड़ी विश्व कप में भी उसी लय को बरकरार रखना चाहेंगे।
कहां खेला जा रहा है मुकाबला?
भारत और इंग्लैंड का यह मुकाबला नीदरलैंड्स के वागेनर हॉकी स्टेडियम, एम्स्टेलवीन में खेला जा रहा है। यह भारत का पूल डी में तीसरा और अंतिम मुकाबला है। इसके बाद पूल की शीर्ष दो टीमें अगले चरण में आगे बढ़ेंगी।
भारत की शुरुआत 2-2 के ड्रॉ से हुई और दक्षिण अफ्रीका पर 6-1 की बड़ी जीत ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। अब इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों के सामने चुनौती होगी कि वे दबाव में भी अपना आक्रामक खेल जारी रखें और दूसरे दौर में शानदार आत्मविश्वास के साथ प्रवेश करें।
