सियोल/टोक्यो: उत्तर कोरिया ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को एक साथ करीब 10 से ज्यादा कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर पूर्वी एशिया में तनाव बढ़ा दिया। दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक, मिसाइलों को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के आसपास के इलाके से शाम करीब 5 बजे पूर्वी सागर यानी जापान सागर की दिशा में लॉन्च किया गया। दक्षिण कोरिया और अमेरिका की खुफिया एजेंसियां इन प्रक्षेपणों पर लगातार नजर रख रही हैं।
करीब 300 किलोमीटर तक गईं मिसाइलें
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने बताया कि मिसाइलों ने लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय की। अधिकारियों ने कहा कि इनके सटीक प्रकार और तकनीकी क्षमताओं का अभी विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी एजेंसियों ने लॉन्च के शुरुआती चरण से ही गतिविधियों को ट्रैक किया और जापान के साथ भी मिसाइलों से जुड़ी जानकारी साझा की। कुछ रिपोर्टों में यह संभावना भी जताई गई है कि उत्तर कोरिया ने 600 मिमी के बड़े मल्टीपल रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल किया हो सकता है।
जापान ने भी की पुष्टि
उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के बाद जापानी अधिकारियों ने भी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की पुष्टि की। जापान के तटरक्षक बल के मुताबिक, प्रक्षेपित मिसाइल समुद्र में गिर चुकी थी। उपलब्ध शुरुआती जानकारी के अनुसार, मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर गिरी, इसलिए तत्काल किसी नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली। हालांकि, जापान के लिए इस तरह के लगातार मिसाइल परीक्षण चिंता का विषय हैं, क्योंकि उत्तर कोरिया की मिसाइलें जापान के आसपास के समुद्री क्षेत्र तक आसानी से पहुंच सकती हैं।
अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास के बीच लॉन्च
यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास Ulchi Freedom Shield अपने अंतिम चरण में था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभ्यास को कम करने और कुछ गतिविधियों को रद्द करने का फैसला किया था। इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया के साथ संभावित कूटनीतिक बातचीत के लिए माहौल तैयार करना बताया गया। इसके बावजूद उत्तर कोरिया ने इस कदम को पर्याप्त नहीं माना। किम जोंग उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो-जोंग ने एक दिन पहले ही अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सैन्य गतिविधियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया था।
दक्षिण कोरिया ने बुलाई आपात बैठक
मिसाइल लॉन्च के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने आपात सुरक्षा बैठक की। राष्ट्रपति कार्यालय ने प्रक्षेपण को गंभीर सुरक्षा चुनौती बताते हुए उत्तर कोरिया से ऐसी गतिविधियां तत्काल रोकने की मांग की। दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि वह अमेरिका के साथ मजबूत संयुक्त रक्षा व्यवस्था के तहत उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर नजर रख रही है और किसी भी उकसावे का जवाब देने के लिए तैयार है।
तनाव के बीच कूटनीति की उम्मीद भी कायम
दिलचस्प बात यह है कि मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच संभावित बातचीत की चर्चाएं भी चल रही हैं। ट्रंप ने किम जोंग उन से मुलाकात की इच्छा जताई है। हालांकि, प्योंगयांग लगातार यह संकेत दे रहा है कि केवल सैन्य अभ्यास में कटौती उसके लिए पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ताजा मिसाइल परीक्षण एक साथ कई संदेश देने की कोशिश हो सकता है—अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास का विरोध, अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन और भविष्य की बातचीत में अपनी स्थिति मजबूत करना।
फिलहाल दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका तीनों ही उत्तर कोरिया की आगे की गतिविधियों पर करीब से नजर रख रहे हैं। मिसाइल परीक्षण से तत्काल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लगातार हो रहे ऐसे परीक्षण कोरियाई प्रायद्वीप और पूरे पूर्वी एशिया में सुरक्षा चिंताओं को जरूर बढ़ा रहे हैं।
