दुबई: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अपनी ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप लगाया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने ईरान से उसकी दिशा में आने वाली दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया। इस घटना के बाद क्षेत्र में पहले से जारी तनाव और बढ़ गया है।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों मिसाइलें समुद्र की दिशा में गईं। शुरुआती आकलन में एक मिसाइल यूएई के क्षेत्रीय जल से बाहर समुद्र में गिरी, जबकि दूसरी मिसाइल यूएई के क्षेत्रीय जल के भीतर गिरने की जानकारी सामने आई। बाद में मंत्रालय ने कहा कि विस्तृत आकलन से संकेत मिला कि मिसाइलों का निशाना समुद्री नौवहन और शिपिंग गतिविधियां थीं।
लोगों को जारी किया गया सुरक्षा अलर्ट
मिसाइलों का पता चलने के बाद यूएई में लोगों के मोबाइल फोन पर आपातकालीन चेतावनी जारी की गई। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई। यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई महीनों के बाद यूएई में इस तरह का मिसाइल अलर्ट सामने आया है।
यूएई ने कहा है कि वह अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और समुद्री नौवहन की रक्षा के लिए किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक माध्यमों से जानकारी लेने की अपील की है।
ईरान ने आरोपों को किया खारिज
यूएई के आरोपों को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यूएई के दावे को निराधार बताया और कहा कि ईरान ने यूएई की ओर कोई मिसाइल लॉन्च नहीं की। तेहरान का कहना है कि इस तरह के आरोप क्षेत्रीय विश्वास और सुरक्षा प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
यूएई ने ईरान से व्यापारिक संबंध रोके
मिसाइल विवाद के बीच यूएई ने ईरान के खिलाफ बड़ा आर्थिक कदम भी उठाया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने ईरान के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियों, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन को अगली सूचना तक रोकने की घोषणा की है। यह फैसला दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में सामान्य होते संबंधों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बढ़ी चिंता
इस पूरे घटनाक्रम का असर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी पड़ सकता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाजों के लिए यह प्रमुख समुद्री मार्ग है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण पहले से ही समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। ईरान ने भी कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका के साथ शांति समझौता नहीं होता।
फिलहाल मिसाइल घटना को लेकर यूएई और ईरान के दावे पूरी तरह अलग हैं। यूएई इसे ईरान से आए मिसाइल खतरे के रूप में देख रहा है, जबकि तेहरान ने किसी भी हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले पर दोनों देशों की ओर से होने वाली घोषणाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
