TRE-4 को लेकर छात्रों में नाराजगीपटना में छात्र आंदोलन का एक बड़ा मुद्दा चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी TRE-4 रहा है। अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़ी स्पष्ट जानकारी की मांग कर रहे थे। इससे पहले भी पटना में कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं और अभ्यर्थियों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी। मई में भी TRE-4 के अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की खबर सामने आई थी।
हालांकि, मंगलवार को ही BPSC की ओर से TRE-4 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की जाएगी और आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। ऐसे में छात्रों के आंदोलन के बीच भर्ती को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक अपडेट भी सामने आया है।
पटना में आंदोलन ने पकड़ा जोर
छात्रों का कहना है कि भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर बार-बार देरी होने से युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। कई अभ्यर्थियों का तर्क है कि परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए समय पर विज्ञापन, परीक्षा की तारीख और भर्ती प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी बेहद जरूरी है।
TRE-4 को लेकर इससे पहले भी अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान, पटना कॉलेज और अन्य स्थानों से प्रदर्शन किए हैं। मार्च और धरने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति भी बनती रही है।
सिवान गोलीकांड को लेकर भी सरकार पर निशाना
पटना में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सिवान में AK-47 से हुई गोलीबारी की घटना भी राजनीतिक मुद्दा बन गई है। तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर सरकार पर कानून-व्यवस्था के सवाल उठाए हैं। उन्होंने 19 अगस्त को लोकभवन तक मार्च करने का ऐलान किया है।
तेजस्वी यादव का कहना है कि बिहार को पुलिसिया राज्य नहीं बनने दिया जाएगा और सरकार को छात्रों तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना होगा।
लालू यादव ने की मार्च में शामिल होने की अपील
RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी 19 अगस्त के लोकभवन मार्च को समर्थन दिया है। उन्होंने लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। पार्टी की ओर से इस मार्च को युवाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन बनाने की तैयारी है। तेजस्वी यादव इसके नेतृत्व में आगे रहेंगे।
वहीं, सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने तेजस्वी यादव के मार्च पर सवाल उठाए हैं। इससे साफ है कि छात्रों के मुद्दे के साथ-साथ यह आंदोलन अब बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
जंतर-मंतर और झारखंड के बाद बिहार में बढ़ी हलचल
देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र और अभ्यर्थी अपने रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में पटना में शुरू हुआ यह आंदोलन भी राजनीतिक और सामाजिक तौर पर चर्चा का विषय बन गया है।
अब सबकी नजर 19 अगस्त के लोकभवन मार्च पर है। एक तरफ सरकार की ओर से TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ छात्र और विपक्षी दल अन्य मांगों तथा कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी रखने की तैयारी में हैं। ऐसे में बुधवार को होने वाला मार्च बिहार की राजनीति और छात्र आंदोलन, दोनों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
