श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट में भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ दिया। पडिक्कल ने दबाव के बीच धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया और 134 गेंदों में नौ चौके और एक छक्के की मदद से अपना सैकड़ा पूरा किया। इस शतक के साथ उन्होंने न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की, बल्कि भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज करा लिया।
गांगुली के खास रिकॉर्ड की बराबरी
पडिक्कल 21वीं सदी में भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाने वाले दूसरे बाएं हाथ के बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा सौरव गांगुली ने किया था। गांगुली ने साल 2002 में दिल्ली में जिम्बाब्वे के खिलाफ नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 136 रन की शानदार पारी खेली थी।
भारत के लिए नंबर-3 पर शतक लगाने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाजों की सूची में विनोद कांबली सबसे आगे हैं। उन्होंने इस स्थान पर चार शतक लगाए हैं। सौरव गांगुली के नाम तीन शतक हैं, जबकि सलीम दुर्रानी, बापू नाडकर्णी, अजित वाडेकर, एकनाथ सोलकर, सुरिंदर अमरनाथ और अब देवदत्त पडिक्कल ने इस क्रम पर एक-एक शतक लगाया है।
19 टेस्ट बाद नंबर-3 पर आया शतक
पडिक्कल की यह पारी इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय टीम को नंबर-3 के बल्लेबाज से लंबे समय से शतक का इंतजार था। आखिरी बार शुभमन गिल ने सितंबर 2024 में चेन्नई में बांग्लादेश के खिलाफ नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया था। इसके बाद भारत ने 19 टेस्ट मैचों में इस स्थान पर सात अलग-अलग बल्लेबाजों को मौका दिया।
इन बल्लेबाजों ने 35 पारियों में महज 27.28 की औसत से रन बनाए और इस दौरान सिर्फ पांच बार 50 या उससे ज्यादा रन का स्कोर बना सके। ऐसे में पडिक्कल का शतक भारतीय टीम के लिए इस महत्वपूर्ण बल्लेबाजी क्रम पर स्थिरता की उम्मीद लेकर आया है।
राहुल के साथ हुई 150 रन की साझेदारी
पडिक्कल ने अपनी शानदार पारी के दौरान केएल राहुल के साथ भी महत्वपूर्ण साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 150 रन जोड़े और भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि चायकाल के बाद राहुल को क्रैंप की समस्या हुई, जिसके कारण उन्हें 77 रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा।
राहुल के बाहर जाने के बाद कप्तान शुभमन गिल बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन वह ज्यादा देर टिक नहीं सके। गिल 16 रन बनाकर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर आउट हुए। इससे पहले यशस्वी जायसवाल 32 रन बनाकर रन आउट हुए थे।
लगातार शानदार फॉर्म में हैं पडिक्कल
पडिक्कल का यह शतक अचानक आया प्रदर्शन नहीं है। उनका हालिया फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड भी उनकी शानदार फॉर्म की गवाही देता है। पिछले सात फर्स्ट-क्लास मुकाबलों में उन्होंने कई प्रभावशाली पारियां खेली हैं। इसमें पंजाब के खिलाफ नाबाद 120 रन और उत्तराखंड के खिलाफ रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में खेली गई 232 रन की बड़ी पारी शामिल है।
इसके अलावा श्रीलंका-ए के खिलाफ पडिक्कल ने 67 और 94 रन की पारियां खेली थीं। टेस्ट मैच से पहले अभ्यास मुकाबले में भी उन्होंने नाबाद 142 रन बनाकर अपनी तैयारी का संकेत दे दिया था।
बारिश ने रोका खेल
गॉल टेस्ट के दौरान बारिश ने भी कई बार खेल में खलल डाला। 63 ओवर के बाद दोबारा बारिश शुरू होने के कारण खेल रोकना पड़ा। उस समय भारत ने दो विकेट के नुकसान पर 239 रन बना लिए थे। पडिक्कल 147 गेंदों में नौ चौके और एक छक्के की मदद से 107 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि ऋषभ पंत तीन रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
पडिक्कल के लिए यह शतक टेस्ट करियर की पहली बड़ी उपलब्धि है। अब उनकी नजर इस शतकीय पारी को एक बड़ी पारी में बदलने और भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने पर होगी।
