राजस्थान के बाड़मेर से दहेज प्रताड़ना और हत्या का गंभीर मामला सामने आया है। अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या-2 ने रवीना की हत्या के मामले में उसके पति, सास और ससुर को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यानी कुल 90 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है।
न्यायाधीश मीनाक्षी मीणा ने आदेश दिया कि जुर्माना नहीं चुकाने पर प्रत्येक दोषी को एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
शादी के बाद से दहेज को लेकर प्रताड़ना का आरोप
मामले के अनुसार रवीना के पिता खमीशा खां ने 12 जुलाई 2023 को रामसर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रवीना का निकाह 13 फरवरी 2017 को नजीर के साथ हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले कथित तौर पर पांच लाख रुपये दहेज की मांग कर रहे थे।
इसके अलावा रवीना को संतान नहीं होने को लेकर भी लगातार ताने दिए जाते थे। कथित प्रताड़ना से परेशान होकर वह कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी।
भरोसा देकर घर ले गया, फिर हत्या का आरोप
अभियोजन के मुताबिक, 7 जुलाई 2023 को नजीर ने रवीना को आगे परेशान नहीं करने का भरोसा दिया और उसे वापस अपने घर ले गया। आरोप है कि उसी रात नजीर, कमाल खान और शरियत ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई।
अभियोजन ने आरोप लगाया कि हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को पानी के टांके में डाल दिया गया और मायके वालों के पहुंचने से पहले ही उसे दफना दिया गया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम कराया गया।
26 गवाह और 45 दस्तावेज पेश
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक सुरेशचंद्र मोदी ने पैरवी की। अभियोजन ने अदालत में 26 गवाहों के बयान और 45 दस्तावेज पेश किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दहेज हत्या और प्रताड़ना के मामले में दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई।
