Sunday, September 13, 2026
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NDA में जाने की अटकलों के बीच PM मोदी से मिले NCP-SP सांसद, 15 मिनट की बैठक में महाराष्ट्र के कई मुद्दों पर चर्चा

by Sagar Sharma
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दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के NDA के करीब जाने की अटकलों के बीच पार्टी के आठ लोकसभा सांसदों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सुप्रिया सुले की अगुवाई में हुए इस प्रतिनिधिमंडल ने करीब 15 मिनट तक प्रधानमंत्री के साथ बातचीत की। हालांकि, पार्टी सांसदों ने साफ किया कि बैठक का मकसद राजनीतिक गठजोड़ नहीं, बल्कि महाराष्ट्र से जुड़े विकास और जनहित के मुद्दों को प्रधानमंत्री के सामने रखना था।

संसद में गतिरोध के बीच PM से सीधे मुलाकात

सुप्रिया सुले ने कहा कि संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है। ऐसे में अपने निर्वाचन क्षेत्रों और जनता से जुड़े लंबित मामलों को सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखना जरूरी था। इससे पहले शरद पवार भी दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात कर चुके हैं।

महाराष्ट्र के लिए कई मांगें रखीं

बैठक में मराठवाड़ा के सूखाग्रस्त इलाकों के लिए विशेष राहत पैकेज, फसल बीमा योजना में सुधार और किसानों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। सांसदों ने उजनी बांध से मांजरा बांध में पानी छोड़ने की मांग भी रखी।

इसके अलावा नासिक-पुणे हाई-स्पीड रेल, पुणे-नासिक मेट्रो, कल्याण-मुरबाड रेलवे लाइन और छत्रपति संभाजीनगर में पीएम गति शक्ति से जुड़े प्रोजेक्ट्स को गति देने की मांग की गई।

समाज सुधारकों को भारत रत्न देने की मांग

NCP-SP सांसदों ने महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, अन्नाभाऊ साठे और तुकडोजी महाराज को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग भी प्रधानमंत्री के सामने रखी। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम डी.बी. पाटिल के नाम पर रखने के प्रस्ताव पर जल्द फैसला लेने की अपील की गई।

सांसदों ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए PM CARES से मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाने और कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दे भी उठाए।

क्या NDA में शामिल होगा शरद पवार गुट?

बैठक के बाद NDA में शामिल होने की अटकलों को NCP-SP सांसद बजरंग सोनावणे ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी विपक्ष में है और विपक्ष में ही रहेगी। उनका कहना था कि सरकार के नेताओं से मुलाकात का मतलब राजनीतिक गठबंधन नहीं होता।

परिसीमन विधेयक पर भी पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि अंतिम फैसला विधेयक का मसौदा सामने आने के बाद विपक्षी गठबंधन के साथ चर्चा के आधार पर लिया जाएगा। पार्टी ने दोहराया कि वह फिलहाल विपक्षी गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है।

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