Sunday, August 9, 2026
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सड़क हादसे में टूटा पैर, प्लास्टर की जगह गत्ते से बांधा; बिहार के अस्पताल का वीडियो वायरल

by Sagar Sharma
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बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में सड़क हादसे में घायल एक मरीज के पैर को प्लास्टर की जगह गत्ते के सहारे बांधा हुआ दिखाई दे रहा है। मामला मंझौल अस्पताल का बताया जा रहा है।

हादसे के बाद अस्पताल पहुंचा था मरीज

जानकारी के मुताबिक, एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। हादसे में उसके पैर में गंभीर चोट आई और पैर टूट गया। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए मंझौल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मरीज के पैर को स्थिर रखने के लिए गत्ते के डिब्बे का इस्तेमाल किया गया।

वायरल वीडियो में मरीज अस्पताल के बेड पर लेटा नजर आ रहा है। उसके घायल पैर के आसपास गत्ता लगाया गया है, जिसे कपड़े की मदद से बांधा गया है। इसी दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

वीडियो को ‘The Bihar’ नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर अस्पताल में टूटे पैर के मरीज के लिए सामान्य प्लास्टर तक उपलब्ध नहीं है, तो वहां आने वाले अन्य मरीजों को किस तरह की सुविधाएं मिल रही होंगी।

कुछ लोगों ने इसे अस्पताल प्रशासन की लापरवाही बताया, जबकि अन्य ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कराने की मांग की है। सोशल मीडिया पर यह सवाल भी उठ रहा है कि गत्ते का इस्तेमाल जरूरी मेडिकल सामग्री उपलब्ध नहीं होने की वजह से किया गया या इलाज के दौरान किसी अन्य परिस्थिति में ऐसा किया गया।

फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर सामने आई जानकारी के अलावा अस्पताल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।

इस घटना के सामने आने के बाद सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि अस्पतालों में जरूरी मेडिकल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

वायरल वीडियो के बाद लोगों ने मांग की है कि अस्पताल में उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं की जांच की जाए और मरीजों को इलाज के लिए जरूरी सामान समय पर उपलब्ध कराया जाए। खासतौर पर आपात स्थिति में अस्पतालों की तैयारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।मामले ने सोशल मीडिया पर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति की पूरी वजह और अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक जवाब सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गत्ते का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया था।

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