भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाए जाने की आशंका के बीच अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने शनिवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच यह चर्चा ऐसे वक्त हुई है, जब अमेरिकी सीनेट रूस से जुड़े नए प्रतिबंध विधेयक को मंजूरी दे चुकी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बातचीत की जानकारी साझा की। हालांकि, अपने पोस्ट में उन्होंने रूस या प्रस्तावित टैरिफ का सीधे तौर पर कोई उल्लेख नहीं किया। पीएम मोदी के मुताबिक, बातचीत के दौरान भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
किन मुद्दों पर हुई बातचीत?
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मोदी और वेंस ने भारत-अमेरिका संबंधों में हालिया प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच जारी बातचीत पर संतोष जताया। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, नई तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को उनके बेटे के जन्म पर भी शुभकामनाएं दीं। वेंस परिवार के यहां 19 जुलाई 2026 को बेटे एलेक नील वेंस का जन्म हुआ था। यह उनका चौथा बच्चा है।
100 फीसदी टैरिफ का मुद्दा क्यों अहम?
मोदी-वेंस की बातचीत से एक दिन पहले अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रावधान रखने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ को भारी बहुमत से पारित किया था। इसके पक्ष में 86 सीनेटरों ने मतदान किया, जबकि 11 ने विरोध किया।
भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है। ऐसे में अगर भविष्य में अमेरिका भारत को इस टैरिफ के दायरे में लाता है, तो इससे भारत के लिए रूसी तेल की लागत बढ़ सकती है।
हालांकि, सीनेट से बिल पारित होने के साथ ही टैरिफ तत्काल लागू नहीं होते। अंतिम कानून और अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले के बाद ही यह तय होगा कि प्रतिबंध और टैरिफ किस रूप में लागू किए जाएंगे।
भारत लगातार स्पष्ट करता रहा है कि रूस से तेल खरीदने का फैसला उसकी ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर किया गया है।
