उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक बार फिर तेंदुए की दहशत देखने को मिली। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत आने वाले धनिया बेली गांव में एक तेंदुआ देर रात घर में घुस आया और सो रही महिला पर हमला कर दिया। लेकिन अपनी मासूम बेटी को बचाने के लिए महिला ने अद्भुत साहस दिखाया और कई मिनट तक तेंदुए का डटकर मुकाबला किया। आखिरकार शोर-शराबा बढ़ने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात सुजौली रेंज के धनिया बेली गांव में हुई। 26 वर्षीय लाली देवी अपने घर में बेटी के साथ सो रही थीं, तभी अचानक एक तेंदुआ कमरे में घुस आया और उन पर हमला कर दिया।
हमले के बावजूद लाली देवी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी बेटी को सुरक्षित रखने के लिए करीब पांच मिनट तक तेंदुए का सामना किया। इस दौरान उनके शोर मचाने पर परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए और उन्होंने भी आवाज लगाकर तथा हल्ला मचाकर तेंदुए को भगाने का प्रयास किया। लोगों की मौजूदगी बढ़ती देख तेंदुआ वहां से भाग गया।
हमले में घायल लाली देवी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के इलाके में तेंदुए की तलाश शुरू कर दी। विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है।
वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील करते हुए शाम और रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही इलाके में गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
गौरतलब है कि इसी वर्ष मई महीने में भी कतर्नियाघाट क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। उस समय एक अन्य महिला ने अपने छह वर्षीय बेटे को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़कर उसकी जान बचाई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है, जबकि वन विभाग तेंदुए की तलाश और लोगों की सुरक्षा के लिए अभियान चला रहा है।
