Sunday, August 9, 2026
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परिसीमन विधेयक पर तेज हुई सियासी कवायद, 15 अगस्त के बाद संसद का विशेष सत्र बुलाने की चर्चा

by Sagar Sharma
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संसद में जारी गतिरोध को समाप्त करने और परिसीमन विधेयक पर आगे की रणनीति तय करने के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई। माना जा रहा है कि सरकार 15 अगस्त के बाद, संभवतः 16 से 18 अगस्त के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है।

सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित विशेष सत्र के दौरान सरकार परिसीमन विधेयक पर चर्चा कर उसे संसद से पारित कराने का प्रयास कर सकती है। इसके लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है, ताकि विधेयक पर व्यापक सहमति बनाई जा सके और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से आगे बढ़ सके।

जानकारी के अनुसार, संसद में बने गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार ने कई वरिष्ठ नेताओं को विपक्षी दलों से संवाद की जिम्मेदारी सौंपी है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से बातचीत की जिम्मेदारी किरण रिजिजू को दी गई है। वहीं अन्य विपक्षी दलों से संपर्क स्थापित करने का दायित्व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल और एस. मुरुगन को सौंपा गया है।

इसी दौरान सरकार एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2026 (Foreign Contribution Regulation Amendment Bill) को भी अगले सप्ताह संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। यह विधेयक विदेशी अंशदान से जुड़े मौजूदा कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखेगा। हालांकि, विशेष सत्र की तारीख और उसके एजेंडे को लेकर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह परिसीमन विधेयक का विरोध करेगी। मानसून सत्र से पहले हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी ने इस विषय पर अपना रुख तय कर लिया था।

गौरतलब है कि सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए परिसीमन से जुड़े प्रावधानों में संशोधन करना चाहती है। प्रस्तावित बदलाव के तहत संविधान संशोधन के बाद लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 850 हो सकती है, जिनमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित होंगी।

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