शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में जलभराव, सड़कें बंद होने और बिजली-पानी की सेवाएं ठप होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने राज्य के सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।
पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक असर सिरमौर जिले में देखने को मिला, जहां सामान्य से करीब 450 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार खराब मौसम को देखते हुए पांवटा साहिब प्रशासन ने एहतियातन 5 और 6 अगस्त को उपमंडल के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बुधवार को कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का अनुमान है कि 10 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है। इस अवधि के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में ऑरेंज और येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर सिरमौर जिले में देखने को मिला। कटासन क्षेत्र में खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ने से करीब 25 लोग फंस गए, जिन्हें राहत एवं बचाव दल ने लगभग तीन घंटे तक चले अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं नाहन-कुमारहट्टी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव के कारण कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। तेज बहाव में सड़क किनारे खड़ी कई बाइक और स्कूटी बह गईं, जबकि कई घरों में भी पानी घुसने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।
प्रदेशभर में बारिश के कारण 153 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा 191 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है, जबकि 58 पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। सबसे अधिक वर्षा ददाहु में 142 मिमी, श्री नैनादेवी जी में 141 मिमी और नाहन में 117.6 मिमी दर्ज की गई।
प्रशासन के अनुसार अकेले सिरमौर जिले में भारी बारिश से अब तक 8.32 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान आंका गया है। सबसे ज्यादा क्षति लोक निर्माण विभाग को हुई है, जबकि जलशक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड को भी करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बहाली कार्यों में जुटा हुआ है।
