गुवाहाटी: असम में बाढ़ का कहर लगातार जारी है और राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है। बाढ़ में जान गंवाने वालों में शिवसागर जिले का 13 वर्षीय छात्र रिदिप पानिका भी शामिल है, जिसने अपने पालतू पिल्ले को तेज बहाव से बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रिदिप के परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
पिल्ले को बचाने के लिए बाढ़ में उतरा था रिदिप
रिदिप कक्षा 7 में पढ़ता था और शिवसागर जिले के नाजिरा सब-डिवीजन के बामुनपुखुरी गांव का रहने वाला था। बताया गया कि बाढ़ के तेज पानी में उसका तीन महीने का पालतू बेल्जियन शेफर्ड पिल्ला बहने लगा। पिल्ले को मुश्किल में देखकर रिदिप उसे बचाने के लिए उफनते पानी में कूद गया।
‘घर बना सकता हूं, बेटा वापस नहीं ला सकता’
5 अगस्त को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा रिदिप के घर पहुंचे और उसके माता-पिता दीपक और पार्वती पानिका से मुलाकात की। परिवार ने बाढ़ में अपना घर और अपना इकलौता बेटा दोनों खो दिए हैं।
परिवार को सांत्वना देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं आपका घर दोबारा बना सकता हूं, लेकिन आपके बेटे को वापस नहीं ला सकता।” उन्होंने सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया और माना कि बेटे के जाने की भरपाई किसी भी मदद से संभव नहीं है।
14 जिले हाई अलर्ट पर
असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और राज्य के 14 जिले हाई अलर्ट पर हैं। इनमें गोलाघाट, लखीमपुर, चराइदेव, शिवसागर, बिश्वनाथ, धेमाजी, कामरूप मेट्रो, जोरहाट, सोनितपुर, तिनसुकिया, नगांव, दरांग, कार्बी आंगलोंग और उदलगुड़ी शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 563 गांवों में करीब 1.6 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में है, जहां 57 हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
