कोलकाता के मुकुंदपुर इलाके में पार्टी कार्यालय के नियंत्रण को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद इलाके में तनाव फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
पार्टी कार्यालय के कथित कब्जे से शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि टीएमसी समर्थक एक स्थानीय पार्टी कार्यालय पर कथित कब्जे के विरोध में मार्च निकाल रहे थे। उनका आरोप था कि कार्यालय को जबरन दूसरे गुट के नियंत्रण में ले लिया गया है। कार्यकर्ता इसी मुद्दे को लेकर पूर्व जादवपुर थाने में ज्ञापन देने जा रहे थे।
इसी दौरान दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों ओर से मारपीट की स्थिति बन गई।
TMC ने BJP समर्थकों पर लगाए आरोप
टीएमसी की ओर से आरोप लगाया गया कि उनके जुलूस के दौरान भाजपा समर्थकों ने कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। पार्टी की ओर से यह भी दावा किया गया कि कुछ लोगों को चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
टीएमसी नेता उपासना चौधरी ने भी घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ मारपीट की गई और उनकी कार को नुकसान पहुंचाया गया। उनके परिवार के सदस्यों को भी कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों को लेकर भाजपा की ओर से अलग पक्ष रखा गया है।
हुमायूं कबीर के घायल होने का दावा
झड़प के दौरान पूर्व टीएमसी विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर के घायल होने की बात भी सामने आई है। कबीर ने आरोप लगाया कि जब वह पूर्व जादवपुर पुलिस थाने की ओर जा रहे थे, तब उनके साथ मारपीट की गई।उन्होंने दावा किया कि घटना के दौरान उनका चश्मा और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हुआ। घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, हालांकि सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
BJP ने भी लगाए आरोप
भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसका एक कार्यकर्ता जुलूस का वीडियो बना रहा था। भाजपा के मुताबिक, इसी बात को लेकर उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हिंसा शुरू करने और अपने कार्यकर्ताओं पर हमला करने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में घटना की शुरुआत किस वजह से हुई और सबसे पहले हिंसा किस तरफ से हुई, इसे लेकर दोनों दलों के दावे अलग-अलग हैं।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों गुटों को अलग करने की कोशिश की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई।
घटना के बाद दोनों पक्षों के समर्थक पूर्व जादवपुर पुलिस थाने के बाहर भी पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
मुकुंदपुर में हुई इस झड़प को लेकर फिलहाल दोनों राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पार्टी कार्यालय के नियंत्रण को लेकर शुरू हुआ विवाद किस तरह हिंसा में बदला और इसमें किन लोगों की भूमिका रही, इसकी जांच के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
पुलिस कार्रवाई, घायलों के बयान, मौके पर मौजूद लोगों की जानकारी और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है।
