5,053 पन्नों की चार्जशीट में दर्ज हैं कई अहम डिजिटल सुराग
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने 5,053 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इसमें मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों, चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कई दावे किए गए हैं। चार्जशीट में सिया गोयल की कथित ऑनलाइन गतिविधियों का भी जिक्र है, जिनमें ChatGPT पर की गई कुछ सर्च को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
मौत के बाद ‘दुखी कैसे दिखें’ से जुड़ी कथित सर्च
पुलिस के अनुसार, केतन की मौत के बाद सिया ने कथित तौर पर ChatGPT और इंटरनेट पर यह जानने की कोशिश की कि परिवार के सामने दुखी या भावनात्मक कैसे नजर आया जाए। जांच एजेंसियों ने इस डिजिटल गतिविधि को मामले में महत्वपूर्ण सुराग के तौर पर दर्ज किया है।
हालांकि, किसी ऑनलाइन सर्च का होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। इसका वास्तविक कानूनी महत्व अदालत में पेश किए गए अन्य साक्ष्यों और उनके आपसी संबंधों के आधार पर तय होगा।
फर्जी Instagram अकाउंट का भी जिक्र
चार्जशीट में एक कथित फर्जी Instagram अकाउंट का उल्लेख भी है। पुलिस के मुताबिक, ‘माही’ नाम के इस अकाउंट के जरिए केतन से संपर्क किया गया और उन्हें लोहगढ़ आने के लिए तैयार किया गया। जांच में दावा किया गया है कि इस अकाउंट को बाद में डिलीट कर दिया गया, लेकिन डिजिटल फोरेंसिक जांच के दौरान इससे संबंधित कुछ डेटा हासिल किया गया।
पुराने मामलों की ऑनलाइन जानकारी जुटाने का दावा
पुलिस ने आरोपपत्र में यह भी कहा है कि आरोपियों ने लोनावला और आसपास के इलाकों में पहले हुई मौतों तथा कुछ चर्चित हत्या के मामलों के बारे में ऑनलाइन जानकारी हासिल की थी। चार्जशीट में राजा रघुवंशी हत्याकांड से संबंधित कथित सर्च का भी उल्लेख किया गया है
जांच के मुताबिक, इन जानकारियों को आरोपियों के बीच डिजिटल माध्यमों से साझा किए जाने के संकेत मिले हैं।
गिरफ्तारी और पूछताछ को लेकर भी कथित सर्च
चार्जशीट में कथित तौर पर ऐसी ऑनलाइन गतिविधियों का भी उल्लेख है जिनमें गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ के दौरान व्यवहार और जवाब देने से संबंधित जानकारी खोजी गई थी। पुलिस ने खाने की चीजों और मशरूम से जुड़े कथित जहर संबंधी सर्च का भी जिक्र किया है।
इन डिजिटल गतिविधियों को अभियोजन पक्ष किस तरह अदालत के सामने प्रस्तुत करता है और अदालत उनका क्या evidentiary value मानती है, यह आगे की सुनवाई में स्पष्ट होगा।
अब अदालत में तय होगी साक्ष्यों की अहमियत
केतन की मौत के मामले में पुलिस ने डिजिटल रिकॉर्ड के साथ-साथ गवाहों के बयान, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य सामग्री को चार्जशीट में शामिल किया है। पुलिस के आरोपों और डिजिटल साक्ष्यों को अदालत में चुनौती भी दी जा सकती है।
फिलहाल चार्जशीट जांच एजेंसी का आरोपपत्र है, अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत सभी साक्ष्यों और आरोपों की जांच करेगी और उसी प्रक्रिया के आधार पर आगे का फैसला होगा।
