Thursday, October 8, 2026
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48 घंटे में फैसला या देशव्यापी प्रदर्शन! CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, CJP ने दी बड़ी चेतावनी

by Sagar Sharma
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि में उनका इस्तीफा नहीं होता है, तो देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोबारा बड़े विरोध प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।

CJP ने रखी इस्तीफे की समयसीमा

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। पार्टी की ओर से कहा गया कि ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर मांग पूरी नहीं होती है, तो विरोध का दायरा बढ़ाया जाएगा। CJP के मुताबिक, इसके तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे

दिल्ली में फिर बड़े प्रदर्शन की तैयारी

CJP ने अपने संभावित आंदोलन के अगले चरण के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर को केंद्र बनाने की बात कही है। संगठन ने प्रस्तावित प्रदर्शन को ‘जंतर-मंतर 2.0’ नाम दिया है।

पार्टी का कहना है कि देशव्यापी विरोध के बाद दिल्ली में भी बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। हालांकि, इन प्रदर्शनों का वास्तविक स्वरूप और भागीदारी आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

SIR बना विवाद की बड़ी वजह

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चल रही बहस भी अहम है। CJP ने SIR की प्रक्रिया और इसके संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाए हैं।संगठन का दावा है कि मतदाता सूची में होने वाले बदलावों से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। ये संगठन द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इन्हें उसके राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।

चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल

CJP ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े रिकॉर्ड एवं व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं। संगठन ने SIR को रोकने और पहले की मतदाता सूची की स्थिति बहाल करने जैसी मांगें रखी हैं।

इसके अलावा पार्टी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और उन्हें मिलने वाले कानूनी संरक्षण से संबंधित 2023 के कानून में बदलाव की मांग भी की है। CJP का कहना है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में नागरिक समाज की भागीदारी को भी स्थान मिलना चाहिए।

अब 48 घंटे के बाद क्या होगा?

CJP के अल्टीमेटम के बाद अब सबकी नजर आगे की गतिविधियों पर है। संगठन ने साफ किया है कि यदि उसकी मांग स्वीकार नहीं होती है तो देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।

इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को आंदोलन के अगले चरण के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही गई है। इस बीच यह भी महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव आयोग या संबंधित संवैधानिक संस्थाओं की ओर से इस मांग और अल्टीमेटम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।

फिलहाल इस पूरे विवाद के केंद्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा, SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दे हैं। आने वाले समय में CJP के अगले कदम और संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया से इस मामले की दिशा स्पष्ट होगी।

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