भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर तैयारियां अब तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम लगातार जारी है और इसी बीच रेल मंत्री ने परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद मुंबई से वडोदरा का सफर करीब 1.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में काफी समय की बचत होगी।
508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर चलेंगी हाई स्पीड ट्रेनें
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 508 किलोमीटर है। इस पूरे रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं।
इस परियोजना का उद्देश्य देश में तेज रफ्तार रेल यात्रा को नई दिशा देना है। बुलेट ट्रेन की डिजाइन स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखी गई है। ऐसे में लंबी दूरी के बीच यात्रा का समय मौजूदा परिवहन साधनों की तुलना में काफी कम हो सकेगा।
भारत में तैयार हो रही बुलेट ट्रेन की बॉडी
परियोजना की खास बात यह है कि भारत में ही बुलेट ट्रेन के लिए ट्रेन बॉडी और टेस्ट कोच तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ चुका है। इसके परीक्षण की प्रक्रिया मई या जून 2027 के आसपास शुरू होने की उम्मीद है।
यह कदम देश में हाई स्पीड रेल तकनीक के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परीक्षण के बाद तकनीकी मानकों, सुरक्षा और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
सूरत-वापी सेक्शन पर तेजी से चल रहा काम
हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य जारी है। सूरत-वापी सेक्शन का सिविल निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं सूरत-बिलिमोरा सेक्शन को अगले साल शुरू करने का लक्ष्य है।
परियोजना के चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने के साथ यात्रियों को हाई स्पीड रेल सेवा का अनुभव मिलने की उम्मीद भी बढ़ रही है।सफर का समय होगा काफी कम
बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद मुंबई और गुजरात के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। खास तौर पर मुंबई से वडोदरा की दूरी करीब डेढ़ घंटे में तय होने की बात सामने आई है।
भारत में पहली बुलेट ट्रेन का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है। अब निर्माण, टेस्टिंग और अन्य तैयारियों में तेजी के साथ यह परियोजना धीरे-धीरे अपने अगले चरण की ओर बढ़ रही है। आने वाले समय में हाई स्पीड रेल भारत के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती है।
