Sunday, November 1, 2026
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Home खेलबैडमिंटन में भारत का ऐतिहासिक रविवार: पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन ने जर्मनी में लहराया तिरंगा, जानें फाइनल का पूरा मुकाबला

बैडमिंटन में भारत का ऐतिहासिक रविवार: पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन ने जर्मनी में लहराया तिरंगा, जानें फाइनल का पूरा मुकाबला

by Sagar Sharma
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भारत के बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए रविवार का दिन बेहद खास रहा। जर्मनी में आयोजित हाइलो ओपन 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोहरी सफलता हासिल की। पहले पीवी सिंधू ने महिला एकल का खिताब अपने नाम किया और इसके बाद लक्ष्य सेन ने पुरुष एकल फाइनल जीतकर भारत की खुशी दोगुनी कर दी। लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया के दिग्गज खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेम में हराकर टूर्नामेंट की ट्रॉफी उठाई। इस जीत के साथ भारतीय शटलर ने लंबे समय से चले आ रहे खिताबी इंतजार को भी समाप्त कर दिया।

लक्ष्य सेन ने फाइनल में किस खिलाड़ी को हराया?

हाइलो ओपन 2026 के पुरुष एकल फाइनल में भारत के लक्ष्य सेन का सामना इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला जर्मनी के सारब्रुकेन स्थित सारलैंडहाले में खेला गया।लक्ष्य सेन ने इस मुकाबले में शानदार नियंत्रण, तेज रफ्तार और बेहतरीन कोर्ट कवरेज का प्रदर्शन किया। उन्होंने क्रिस्टी को 21-17 और 21-10 से हराकर खिताब अपने नाम किया। भारतीय खिलाड़ी ने पहला गेम जीतने के बाद दूसरे गेम में भी अपनी लय बरकरार रखी और विपक्षी खिलाड़ी को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।

पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। लक्ष्य ने शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन क्रिस्टी ने लगातार अंक हासिल करके मुकाबले को रोमांचक बना दिया। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी ने दबाव के क्षणों में धैर्य दिखाया और 21-17 से पहला गेम जीत लिया।

दूसरे गेम में लक्ष्य सेन ने पूरी तरह अपना दबदबा कायम कर लिया। उन्होंने शानदार रक्षात्मक खेल के साथ आक्रामक स्मैश और सटीक शॉट्स का इस्तेमाल किया। क्रिस्टी लगातार दबाव में रहे और लक्ष्य ने 21-10 से दूसरा गेम जीतकर खिताब पर कब्जा कर लिया।

एक साल बाद लक्ष्य सेन की शानदार वापसी

लक्ष्य सेन के लिए यह जीत बेहद महत्वपूर्ण रही। भारतीय खिलाड़ी ने इससे पहले नवंबर 2025 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था। इसके बाद उन्हें अगले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।2026 में लक्ष्य सेन ने कई महत्वपूर्ण मुकाबले खेले और ऑल इंग्लैंड ओपन के फाइनल तक भी पहुंचे। हालांकि, उन्हें वहां उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा।

हाइलो ओपन में उनकी शुरुआत आसान नहीं रही। शुरुआती मुकाबले में उन्हें फिनलैंड के जोआकिम ओल्डॉर्फ के खिलाफ पहला गेम गंवाना पड़ा, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मैच जीत लिया।इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अपने हमवतन किरण जॉर्ज और फिनलैंड के काले कोलजोनेन के खिलाफ भी कठिन मुकाबलों में जीत हासिल की। सेमीफाइनल में लक्ष्य ने फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव को 21-17 और 21-13 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

पीवी सिंधू ने भी दिलाया भारत को गौरव

लक्ष्य सेन की जीत से पहले भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने महिला एकल का खिताब जीतकर देश को बड़ी सफलता दिलाई।सिंधू ने फाइनल में डेनमार्क की लाइन होजमार्क क्येरसफेल्ड को 21-12 और 21-14 से हराया। उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और सीधे गेम में जीत दर्ज की।यह सिंधू का 2026 का दूसरा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब रहा। इससे पहले उन्होंने जापान ओपन में भी जीत हासिल की थी।

भारत के लिए यादगार रहा हाइलो ओपन 2026

हाइलो ओपन 2026 में लक्ष्य सेन और पीवी सिंधू की जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि है। दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग वर्गों में खिताब जीतकर भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया।लक्ष्य सेन की जीत विशेष रूप से उनके आत्मविश्वास और शानदार वापसी का प्रतीक है। लगातार कठिन मुकाबलों के बाद फाइनल में सीधे गेम में जीत हासिल करना उनके मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।

दोनों भारतीय खिलाड़ियों की सफलता से देश के युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी। हाइलो ओपन में मिली यह दोहरी जीत भारतीय खेल जगत के लिए एक यादगार उपलब्धि बन गई है।

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