नई दिल्ली में बुधवार को विपक्षी दलों का प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब जंतर-मंतर की ओर जा रहे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर प्रदर्शन करने जंतर-मंतर जा रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर बसों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई सांसद बसों से उतरकर सड़क पर आ गए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी सड़क पर लेटी हुई नजर आईं। सामने आए दृश्यों में वह बस से उतरने के बाद कुछ देर सड़क पर लेटी दिखाई दीं। उनके आसपास मौजूद नेताओं और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें संभालने की कोशिश की। प्रियंका गांधी की यह तस्वीर देखते ही देखते प्रदर्शन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गई।
जंतर-मंतर तक पहुंचना चाहते थे विपक्षी सांसद
विपक्षी सांसदों का कहना है कि जंतर-मंतर निर्धारित प्रदर्शन स्थल है और वहां शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने से उन्हें नहीं रोका जाना चाहिए। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सांसदों ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
विपक्षी दलों की मुख्य आपत्ति मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने की बैरिकेडिंग
प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जंतर-मंतर और आसपास के मार्गों पर बैरिकेड लगाए गए थे। पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई थी। विपक्षी सांसदों की बसों को प्रदर्शन स्थल से पहले रोकने के बाद कई नेताओं ने पैदल आगे बढ़ने की कोशिश की।
इस दौरान सांसदों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी हुआ था विरोध
विपक्षी सांसदों ने इससे पहले भी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। विपक्ष लगातार चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रहा है। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता सक्रिय नजर आए।
राहुल गांधी ने भी विपक्षी सांसदों को रोके जाने का विरोध किया। विपक्ष का कहना है कि सांसदों को अपनी बात रखने और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं तक अपनी मांग पहुंचाने का अधिकार है।
प्रदर्शन से बढ़ा राजनीतिक तनाव
जंतर-मंतर जाने से रोके जाने और नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई ने दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर गर्मी बढ़ा दी है। विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार से जोड़ते हुए सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।वहीं प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी का सड़क पर लेटना और विपक्षी सांसदों का पुलिस बैरिकेड के सामने विरोध करना पूरे घटनाक्रम के प्रमुख दृश्य रहे।
फिलहाल विपक्षी दल एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने के संकेत दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क, दोनों जगह राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।
