एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। 23 सितंबर को भारत के लिए शूटिंग से अच्छी खबर आई, जहां स्कीट स्पर्धा में महिला और पुरुष टीमों ने कांस्य पदक अपने नाम किए। इन पदकों के साथ भारतीय दल के खाते में और इजाफा हुआ है। शूटिंग को एशियन गेम्स में भारत के मजबूत खेलों में गिना जाता है और इस बार भी भारतीय निशानेबाजों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। टीम स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के बीच तालमेल और दबाव के बीच सटीक निशाना लगाने की क्षमता निर्णायक रही।
महिला स्कीट टीम में राइजा ढिल्लों, परिनाज धालीवाल और महेश्वरी चौहान ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय टीम ने 331 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया। मुकाबले के दौरान भारतीय निशानेबाजों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और पदक की दौड़ में अपनी स्थिति बनाए रखी। टीम के प्रदर्शन ने भारतीय शूटिंग दल के लिए दिन की अच्छी शुरुआत की। महिला टीम के बाद पुरुष स्कीट टीम ने भी पोडियम पर जगह बनाई और भारत को एक और कांस्य पदक दिलाया। अनंतजीत सिंह नरूका, भत्वेग सिंह गिल और मैराज अहमद खान की तिकड़ी ने पुरुष स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
अब सभी की निगाहें वेटलिफ्टिंग पर टिकी हैं, जहां मीराबाई चानू भारतीय अभियान की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। चानू के लिए यह मुकाबला खास महत्व रखता है क्योंकि एशियन गेम्स में उनके नाम अभी तक पदक दर्ज नहीं है। ओलंपिक और विश्व स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुकीं मीराबाई इस बार एशियन गेम्स में पदक हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगी। उनके मुकाबले को लेकर भारतीय प्रशंसकों में खास उत्सुकता है। वेटलिफ्टिंग में उनका प्रदर्शन भारत के पदक अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
23 सितंबर को भारतीय खिलाड़ियों के लिए कई अन्य खेलों में भी मुकाबले हैं। शूटिंग के अलावा बैडमिंटन, मुक्केबाजी, हॉकी, रोइंग, वुशु और अन्य स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं। भारत के लिए दिन की शुरुआत दो कांस्य पदकों के साथ हुई है, जिससे पदक तालिका में स्थिति मजबूत करने का मौका मिला है। जैसे-जैसे प्रतियोगिताएं आगे बढ़ रही हैं, भारतीय दल की नजरें अलग-अलग खेलों में पदक हासिल करने पर हैं। मीराबाई चानू का मुकाबला इस दिन के सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बना हुआ है और उनके प्रदर्शन पर देशभर के खेल प्रशंसकों की नजरें टिकी हैं।
