Saturday, September 12, 2026
Saturday, September 12, 2026
Home देशजहरीली शराब से 13 मौतों के बाद खुली कड़ी, उज्जैन तक पहुंची जांच की आंच

जहरीली शराब से 13 मौतों के बाद खुली कड़ी, उज्जैन तक पहुंची जांच की आंच

by Sagar Sharma
0 comments

गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले ने अब मध्य प्रदेश तक कनेक्शन जोड़ दिया है। इस घटना में मृतकों की संख्या 13 तक पहुंची थी। जांच आगे बढ़ने के साथ शराब की सप्लाई और इसे तैयार करने वाले नेटवर्क के तार उज्जैन से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। मामले में कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में आई है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

शराब पीने के बाद बिगड़ी थी लोगों की तबीयत

यह मामला 16 अगस्त की रात सामने आया था। भावनगर के एक इलाके में कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। शुरुआत में कुछ लोगों को उल्टी, चक्कर और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हुईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान कई लोगों की मौत हो गई।

जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ी, यह सामने आया कि शराब सामान्य नहीं थी। फॉरेंसिक जांच में शराब के नमूनों में बड़ी मात्रा में मेथनॉल पाए जाने की बात सामने आई। मेथनॉल बेहद जहरीला रसायन है और इसके सेवन से गंभीर विषाक्तता हो सकती है।

उज्जैन से जुड़ा सामने आया नेटवर्क

जांच में शराब की सप्लाई और तैयार करने वाले नेटवर्क के तार मध्य प्रदेश के उज्जैन से जुड़ने की बात सामने आई। शुरुआती जांच के अनुसार, उज्जैन से जुड़े लोगों की भूमिका शराब तैयार करने और उसे आगे पहुंचाने की प्रक्रिया में रही हो सकती है।

पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह है कि जहरीली शराब किस तरह तैयार की गई और किन रास्तों से इसे गुजरात के अलग-अलग इलाकों तक पहुंचाया गया। इसके साथ ही कच्चे माल, बोतलों और शराब की सप्लाई से जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

तीन आरोपियों की भूमिका पर जांच

मामले की शुरुआती जांच में तीन आरोपियों की भूमिका सामने आने की बात कही गई थी। इनमें दो का संबंध उज्जैन से बताया गया, जबकि एक आरोपी गुजरात से जुड़ा था। एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे और जहरीली शराब को तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री कहां से लाई गई थी।

नकली बोतलों में पैक की गई थी शराब

जांच में यह भी सामने आया कि जहरीली शराब को कथित तौर पर लोकप्रिय शराब ब्रांड के लेबल वाली बोतलों में पैक किया गया था। इसके बाद इसे अवैध शराब के नेटवर्क के जरिए लोगों तक पहुंचाया गया। इस वजह से कई लोगों को यह अंदाजा नहीं हुआ कि वे खतरनाक और जहरीली शराब का सेवन कर रहे हैं।

फॉरेंसिक जांच में शराब में मेथनॉल की मात्रा बेहद ज्यादा पाए जाने की जानकारी सामने आई। इसी जहरीले पदार्थ को मौतों की मुख्य वजह माना गया।

जांच का दायरा बढ़ा

13 लोगों की मौत के बाद यह मामला गंभीर हो गया है। जांच अब केवल भावनगर तक सीमित नहीं रही और मध्य प्रदेश समेत दूसरे इलाकों तक पहुंच गई है। पुलिस अलग-अलग स्थानों पर नेटवर्क से जुड़े लोगों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटा रही है।

जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि जहरीली शराब तैयार करने से लेकर उसे लोगों तक पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पहले से किसी बड़े अवैध नेटवर्क के जरिए ऐसी शराब की सप्लाई तो नहीं की जा रही थी।

फिलहाल मामले में जांच और कार्रवाई जारी है। आने वाले समय में पूछताछ और जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

Author

You may also like