Sunday, September 13, 2026
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Home देशचलती स्लीपर बस में नाबालिग से दरिंदगी का आरोप, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार; जांच में सामने आई कई अहम बातें

चलती स्लीपर बस में नाबालिग से दरिंदगी का आरोप, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार; जांच में सामने आई कई अहम बातें

by Sagar Sharma
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दिल्ली-एनसीआर से सामने आए एक बेहद गंभीर मामले में 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बस को भी कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। घटना 4 अगस्त की रात की बताई जा रही है और मामला सामने आने के बाद सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

बारिश और अंधेरे में मदद मांगना पड़ा भारी

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा है। वह अपने एक रिश्तेदार से मिलने नोएडा जा रही थी। रास्ते में भारी बारिश और अंधेरा होने के कारण वह गलत जगह उतर गई और ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंच गई।

इसी दौरान एक खाली स्लीपर बस वहां से गुजर रही थी। छात्रा ने मदद के लिए बस को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे नोएडा सेक्टर-63 तक छोड़ने की बात कहकर बस में बैठा लिया

आरोप है कि सुनसान बस को बनाया गया अपराध का ठिकाना

पुलिस के अनुसार, बस के आगे बढ़ने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ कथित तौर पर अश्लील व्यवहार किया। इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि विरोध करने पर उसे कथित तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक, बस में पर्दे लगे हुए थे, जिससे अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई देना मुश्किल था। बस ने परी चौक से कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर की दूरी तय की।

कश्मीरी गेट के पास छोड़ी गई छात्रा

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बाद में छात्रा को दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में रिंग रोड के पास उतार दिया और वहां से चले गए। इसके बाद छात्रा ने कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। दोनों आरोपियों की पहचान बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों को उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर इलाके में बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। बस को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

नोएडा और दिल्ली पुलिस के बीच भी उठे सवाल

इस मामले में जांच के अधिकार क्षेत्र को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार कथित अपराध परी चौक और नोएडा सेक्टर-63 के बीच हुआ, जबकि छात्रा को दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में छोड़ा गया था।

कुछ रिपोर्टों में नोएडा पुलिस की ओर से यह सवाल उठाया गया है कि घटना की जानकारी उसे लंबे समय तक क्यों नहीं दी गई। नोएडा पुलिस ने यह भी कहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के बीच कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण की जरूरत है। ऐसे में जांच एजेंसियां घटना की वास्तविक परिस्थितियों और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने में जुटी हैं।

बस की फॉरेंसिक जांच से मिल सकती है अहम जानकारी

पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल बताई जा रही स्लीपर बस को जब्त कर लिया है। फॉरेंसिक जांच के जरिए पुलिस घटनास्थल से जुड़े संभावित सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। साथ ही बस की आवाजाही, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

यह मामला एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। हालांकि पुलिस जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी। नाबालिग पीड़िता की पहचान कानून के तहत गोपनीय रखी गई है।

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