भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने टेक्नोलॉजी की दुनिया के तेजी से उभरते क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए Quantum Computing और Machine Learning में नया सर्टिफिकेशन प्रोग्राम लॉन्च किया है। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें दाखिले के लिए JEE स्कोर की जरूरत नहीं है। IIT दिल्ली के Continuing Education Programme (CEP) के तहत शुरू किए गए इस कोर्स का नया बैच 09 जनवरी 2027 से शुरू होगा। संस्थान की ओर से इस प्रोग्राम की आधिकारिक घोषणा 18 अगस्त 2026 को की गई थी।
छह महीने का ऑनलाइन सर्टिफिकेशन प्रोग्राम
IIT दिल्ली का यह कार्यक्रम छह महीने की अवधि का है और पूरी तरह ऑनलाइन मोड में संचालित किया जाएगा। नए बैच की कक्षाएं 9 जनवरी 2027 से शुरू होंगी। कार्यक्रम के तहत हर शनिवार और रविवार सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक लाइव क्लास आयोजित की जाएगी। इससे नौकरी करने वाले प्रोफेशनल्स और पढ़ाई के साथ नई तकनीक सीखने वाले उम्मीदवारों को सुविधा मिल सकती है।
इस प्रोग्राम में करीब 70 घंटे की लाइव इंस्ट्रक्टर-लेड पढ़ाई के साथ लाइव लैब और ट्यूटोरियल सेशन भी शामिल हैं। विद्यार्थियों को क्वांटम कंप्यूटिंग की बुनियादी अवधारणाओं से लेकर इसके मशीन लर्निंग के साथ इस्तेमाल तक की जानकारी दी जाएगी।
JEE स्कोर की अनिवार्यता नहीं
इस कोर्स को लेकर सबसे ज्यादा आकर्षण इसकी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर है। यह IIT दिल्ली का नियमित BTech या अन्य पारंपरिक डिग्री प्रोग्राम नहीं है, इसलिए इसमें प्रवेश के लिए JEE स्कोर की शर्त लागू नहीं होती। चयन आवेदन की समीक्षा और प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर की मंजूरी के आधार पर किया जाएगा। यानी उम्मीदवारों को पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद उनके आवेदन की समीक्षा की जाएगी।
यहां यह समझना जरूरी है कि यह सर्टिफिकेशन प्रोग्राम है, IIT दिल्ली का नियमित BTech एडमिशन नहीं। इसलिए इसे JEE के जरिए मिलने वाली IIT की नियमित इंजीनियरिंग सीट के विकल्प के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
क्वांटम कंप्यूटिंग में क्या पढ़ाया जाएगा?
कोर्स में Quantum Computing के मूल सिद्धांतों के साथ क्वांटम एल्गोरिदम, Qiskit, Quantum Machine Learning, Quantum Deep Learning और Quantum Variational Optimization जैसे विषय शामिल हैं। उम्मीदवारों को Classical और Quantum Computing के बीच अंतर समझने के साथ वास्तविक समस्याओं पर क्वांटम तकनीकों के इस्तेमाल की जानकारी भी दी जाएगी।
कार्यक्रम में वित्त, हेल्थकेयर, ड्रग डिस्कवरी, इमेज क्लासिफिकेशन और ऑप्टिमाइजेशन जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रोजेक्ट भी शामिल हैं। Grover’s Algorithm, VQE और Quantum SVM जैसे तरीकों के जरिए व्यावहारिक समझ विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
कितनी है फीस?
इस छह महीने के कार्यक्रम की फीस 1,79,000 रुपये + लागू टैक्स है। 18 प्रतिशत GST जोड़ने के बाद कुल फीस करीब 2,11,220 रुपये होती है। फीस को तय किस्तों में जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है। आवेदन के समय 1,000 रुपये की एप्लीकेशन फीस देनी होगी, जबकि बाकी फीस तीन किस्तों में जमा की जा सकती है।
कब तक कर सकते हैं आवेदन?
IIT दिल्ली के इस प्रोग्राम के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 8 जनवरी 2027 बताई गई है। नया बैच 9 जनवरी 2027 से शुरू होना है। हालांकि, आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक प्रोग्राम पेज पर पात्रता, फीस और अन्य शर्तों की ताजा जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए।
किसके लिए है यह कोर्स?
यह कार्यक्रम खास तौर पर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, गणित, कंप्यूटिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, क्वांटम कंप्यूटिंग का पूर्व अनुभव अनिवार्य नहीं है। कार्यक्रम की शुरुआत बुनियादी अवधारणाओं से की जाती है, जबकि बेसिक प्रोग्रामिंग और गणित की समझ उम्मीदवारों के लिए मददगार रहेगी।
सफलतापूर्वक कार्यक्रम पूरा करने वाले प्रतिभागियों को CEP, IIT दिल्ली का ई-सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह कोर्स भविष्य की Quantum Technology और AI आधारित नौकरियों के लिए नई स्किल विकसित करने का अवसर बन सकता है।
