पाकिस्तान में बैठे आतंकी तक पहुंचेगा भारतीय कानून का संदेश
मुंबई के 26/11 आतंकी हमले के आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ भारत ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। अब जांच एजेंसियों की कोशिश है कि पाकिस्तान में मौजूद सईद तक भारतीय अदालत की प्रक्रिया पहुंचाई जाए। हालिया घटनाक्रम में 26/11 मामले में पाकिस्तान स्थित आरोपियों के खिलाफ भारत में अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसमें हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी जैसे नाम शामिल हैं।
पहलगाम केस में भी NIA ने बनाया आरोपी
हाफिज सईद पर शिकंजा केवल मुंबई हमले के मामले तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जुलाई 2026 में पहलगाम आतंकी हमले की जांच से जुड़ी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उसे आरोपी बनाया था। NIA के मुताबिक, सईद को व्यक्तिगत रूप से और लश्कर-ए-तैयबा तथा TRF के प्रमुख के तौर पर आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने उस पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
लाहौर में समन पहुंचाना क्यों अहम है?
भारतीय जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आरोपी पाकिस्तान में मौजूद हैं और भारत उन्हें सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकता। ऐसे में अदालत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए समन और वारंट को राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान तक पहुंचाने की कोशिश महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, हाफिज सईद को लाहौर में अदालत का समन पहुंचाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आगे की न्यायिक कार्रवाई के लिए कानूनी आधार तैयार करना है।
भारत में अनुपस्थिति में चलेगा मुकदमा
इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘ट्रायल इन एब्सेंटिया’ यानी आरोपी की गैरमौजूदगी में मुकदमा है। इसका मतलब है कि यदि आरोपी अदालत के सामने पेश नहीं होता और कानूनी प्रक्रिया के बावजूद भारत नहीं आता, तो निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत उसके खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ाया जा सकता है। 26/11 मामले में इसी दिशा में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
पाकिस्तान पर भी बढ़ेगा कूटनीतिक दबाव
भारत की रणनीति केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। हाफिज सईद के खिलाफ भारतीय अदालतों में कार्रवाई आगे बढ़ाना पाकिस्तान पर भी कूटनीतिक दबाव बढ़ा सकता है। भारत लंबे समय से पाकिस्तान से आतंकवाद के आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और उन्हें भारतीय न्याय प्रक्रिया के सामने लाने की मांग करता रहा है। विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
क्या भारत हाफिज सईद को पाकिस्तान से ला पाएगा?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि हाफिज सईद को पाकिस्तान से भारत लाया जाएगा। किसी व्यक्ति को दूसरे देश से भारत लाने के लिए उस देश की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया तथा राजनयिक सहयोग की आवश्यकता होती है। इसलिए समन, वारंट और अनुपस्थिति में मुकदमे की प्रक्रिया को भारत के लिए व्यावहारिक कानूनी रास्ते के रूप में देखा जा रहा है। पहलगाम मामले में NIA की चार्जशीट और 26/11 मामले में शुरू हुई न्यायिक प्रक्रिया से साफ है कि भारत हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई को लंबे समय तक जारी रखने की तैयारी में है।
