देश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश अब आफत बनती जा रही है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में सड़कें बंद हैं, जलापूर्ति प्रभावित है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात
अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। भारी बारिश का असर सेना के एक शिविर पर भी पड़ा है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी तस्वीरों और वीडियो में हालात की गंभीरता साफ दिखाई दे रही है। कई रास्तों पर पानी भर गया है और तेज बहाव के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने के साथ-साथ आवाजाही भी प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
सिक्किम में भूस्खलन ने बढ़ाई चिंता
अरुणाचल प्रदेश के बाद सिक्किम में भी बारिश के कारण हालात चिंताजनक हैं। पश्चिम सिक्किम के रिम्बी और सिंगलिटम इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसी की ओर से जारी किए गए विजुअल में भूस्खलन के बाद हुए नुकसान और मलबे का भयावह दृश्य नजर आ रहा है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कई इलाकों में 18 और 19 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में फिलहाल मौसम से राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं। लगातार बारिश के बीच प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सतर्क हैं।
हिमाचल प्रदेश में 183 लोगों की मौत
पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा हिमाचल प्रदेश में भी मानसून ने भारी तबाही मचाई है। राज्य में 30 जून से 15 अगस्त के बीच बारिश और इससे जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं में 183 लोगों की मौत हुई है। इनमें 79 मौतें प्राकृतिक आपदाओं और बारिश से जुड़ी घटनाओं में हुईं, जबकि 104 लोगों की जान सड़क हादसों में गई।
राज्य में अब तक 972.64 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। मानसून से जुड़ी घटनाओं में 291 लोग घायल हुए हैं, जबकि 31 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 732 से अधिक पशुओं की भी मौत हुई है।
15 अगस्त की शाम तक हिमाचल प्रदेश में 103 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी की 43 और कुल्लू की 32 सड़कें शामिल हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य की 221 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इनमें अकेले मंडी की 209 योजनाएं शामिल हैं।
कई राज्यों में बारिश का असर
अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश के अलावा ओडिशा, असम समेत कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन की टीमें राहत और बहाली के काम में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग के लगातार अलर्ट के बीच लोगों से संवेदनशील और भूस्खलन संभावित इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
