लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग के मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी पाने की उम्मीद कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़ से जुड़े नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे कैबिनेट के समक्ष पेश किए जाने की तैयारी है। प्रस्ताव का उद्देश्य अभ्यर्थियों की उम्र को ध्यान में रखते हुए दौड़ पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय देने की व्यवस्था करना है।
अधिक उम्र वाले अभ्यर्थियों को मिल सकता है फायदा
मृतक आश्रित कोटे के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की उम्र अलग-अलग होती है। परिवार के सदस्य की मृत्यु के बाद कई लोगों को पारिवारिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती हैं, जिसके चलते वे अपेक्षाकृत अधिक उम्र में भर्ती प्रक्रिया में शामिल होते हैं।
ऐसे अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित समय में दौड़ पूरी करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रस्ताव के अनुसार, उम्र के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां बनाने और प्रत्येक श्रेणी के लिए दौड़ पूरी करने की समयसीमा निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है। इससे अधिक उम्र वाले पात्र अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षा में राहत मिल सकती है।
सिपाही और दरोगा के पदों पर लागू हो सकती है व्यवस्था
प्रस्ताव का संबंध पुलिस विभाग में मृतक आश्रित कोटे के तहत होने वाली सिपाही और उपनिरीक्षक यानी दरोगा की भर्ती से बताया जा रहा है। वर्तमान व्यवस्था में अभ्यर्थियों को निर्धारित शारीरिक मानकों के अनुरूप दौड़ पूरी करनी होती है।
नियमों में बदलाव होने पर दौड़ की समयसीमा में उम्र के अनुसार अंतर किया जा सकता है। हालांकि, किन पदों पर यह व्यवस्था लागू होगी, उम्र की श्रेणियां क्या होंगी और कितना अतिरिक्त समय मिलेगा, इसकी अंतिम जानकारी स्वीकृत नियमों से ही स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई प्रक्रिया
मृतक आश्रित अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में राहत देने का विषय पहले भी चर्चा में रहा है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक पुलिसकर्मियों के आश्रितों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में व्यावहारिक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया था।इसके बाद संबंधित नियमों में संशोधन की संभावनाओं पर विचार शुरू हुआ। इसका उद्देश्य पात्र अभ्यर्थियों को राहत देना है, जबकि भर्ती प्रक्रिया के जरूरी मानकों को भी बनाए रखा जा सके।
शासन के प्रस्ताव पर अब कैबिनेट के फैसले का इंतजार
प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने रखने की तैयारी के बीच मृतक आश्रित कोटे के अभ्यर्थियों की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित नियमों में संशोधन और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
हालांकि, प्रस्ताव तैयार होने या कैबिनेट में पेश किए जाने की जानकारी का अर्थ यह नहीं है कि नियमों में बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इसके लिए अंतिम निर्णय और संबंधित सरकारी आदेश का इंतजार करना होगा।
अभ्यर्थी आधिकारिक सूचना पर रखें नजर
मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए। दौड़ के नियमों में बदलाव, पात्रता और समयसीमा से जुड़ी अंतिम जानकारी सरकारी आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो उम्र के अनुसार दौड़ में अतिरिक्त समय की व्यवस्था उन पात्र अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जिन्हें मौजूदा समयसीमा में परीक्षा पूरी करने में कठिनाई होती है। फिलहाल अंतिम नियमों को लेकर सरकार के निर्णय का इंतजार है।
