सऊदी अरब में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे श्रीलंकाई तमिल युवक अनोजन शिवरासा का मामला अब श्रीलंका में राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। श्रीलंकाई सांसद मनो गणेशन ने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से अपील की है कि वह इस मामले को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाएं और युवक की मदद के लिए भारत से सहयोग मांगें।
अनोजन शिवरासा श्रीलंका के पूर्वी प्रांत के कलमुनई क्षेत्र के रहने वाले बताए जाते हैं। वह रोजगार के सिलसिले में करीब नौ महीने पहले सऊदी अरब गए थे। वहां सोशल मीडिया पर कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं से जुड़ी एक पोस्ट को लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुआ मामला
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अनोजन के खिलाफ सऊदी अरब में एक सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। परिवार की ओर से दावा किया गया है कि इस मामले में उन्हें गंभीर सजा का सामना करना पड़ रहा है।
शुरुआती जानकारी में उन्हें पांच साल की जेल और भारी जुर्माने की सजा मिलने की बात सामने आई थी। बाद में उनके वकील की ओर से श्रीलंकाई दूतावास को कथित तौर पर बताया गया कि सजा को मृत्युदंड में बदल दिया गया है।
हालांकि, इस दावे की श्रीलंका सरकार ने अभी आधिकारिक लिखित फैसले के आधार पर पुष्टि नहीं की है। यही वजह है कि मामले की मौजूदा कानूनी स्थिति को लेकर आधिकारिक दस्तावेज का इंतजार किया जा रहा है।
सांसद मनो गणेशन ने राष्ट्रपति से की अपील
श्रीलंकाई सांसद मनो गणेशन ने राष्ट्रपति दिसानायके से इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क कर अनोजन के मामले में सहायता मांगनी चाहिए।
सांसद का तर्क है कि भारत और सऊदी अरब के बीच मजबूत राजनयिक संबंध हैं। इसी आधार पर उनका मानना है कि भारत इस मामले में मानवीय स्तर पर सहायता की कोशिश कर सकता है।
हालांकि, यह फिलहाल सांसद की अपील है। भारत सरकार की ओर से इस मामले में किसी आधिकारिक हस्तक्षेप या निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
मौत की सजा को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल कथित मृत्युदंड को लेकर है। परिवार और वकील की ओर से इस संबंध में जानकारी सामने आई है, लेकिन श्रीलंकाई अधिकारियों को अभी सऊदी न्यायिक व्यवस्था से औपचारिक लिखित फैसले का इंतजार है।श्रीलंका का विदेश मंत्रालय इस मामले पर संबंधित अधिकारियों के संपर्क में बताया जा रहा है। दूतावास भी मामले की कानूनी स्थिति और उपलब्ध विकल्पों को समझने की कोशिश कर रहा है।
इसलिए फिलहाल मृत्युदंड को अंतिम और आधिकारिक रूप से पुष्ट फैसला बताने से पहले संबंधित दस्तावेजों का सामने आना जरूरी है।
अपील का रास्ता अभी मौजूद
मामले में कानूनी अपील की संभावना भी बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अनोजन के वकील ने सऊदी अरब की न्यायिक व्यवस्था में आगे अपील किए जाने की संभावना के बारे में श्रीलंकाई दूतावास को जानकारी दी है।
यदि अपील की प्रक्रिया शुरू होती है, तो अनोजन के परिवार और श्रीलंकाई अधिकारियों के लिए यह महत्वपूर्ण कानूनी चरण होगा। दूतावास की भूमिका भी इस दौरान अहम रह सकती है।
परिवार को है मदद की उम्मीद
अनोजन के परिवार की चिंता इस मामले को लेकर लगातार बनी हुई है। परिवार चाहता है कि श्रीलंकाई सरकार उपलब्ध सभी राजनयिक और कानूनी माध्यमों का इस्तेमाल करे।
सांसद मनो गणेशन की अपील के बाद अब नजर इस बात पर है कि राष्ट्रपति दिसानायके इस मामले को किस स्तर पर उठाते हैं और क्या भारत से औपचारिक सहायता मांगी जाती है।
फिलहाल मामला कानूनी और राजनयिक प्रक्रिया के बीच है। सऊदी अधिकारियों के आधिकारिक दस्तावेज, अपील की स्थिति और श्रीलंका सरकार के अगले कदम से ही अनोजन शिवरासा के मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की दिशा अधिक स्पष्ट होगी।
