भारत और पाकिस्तान के बीच हाल में अरब सागर में हुई नौसैनिक टक्कर के बाद समुद्री क्षेत्र में पाकिस्तान की सैन्य गतिविधियां चर्चा में हैं। पाकिस्तान ने अरब सागर में अपने निर्धारित समुद्री क्षेत्र के लिए 18 सितंबर से 28 सितंबर 2026 तक लाइव वेपन फायरिंग की चेतावनी जारी की है। इस दौरान निर्धारित इलाकों में नौसैनिक हथियारों की फायरिंग की जाएगी और समुद्र में मौजूद दूसरे जहाजों को संबंधित क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही उत्तरी अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसैनिक पोतों के बीच टक्कर हुई थी। इस घटना को लेकर दोनों देशों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए थे। इसके बाद समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों की गतिविधियों पर निगरानी भी बढ़ गई है।
10 दिनों तक समुद्र में चलेगी फायरिंग
पाकिस्तान की ओर से जारी समुद्री चेतावनी के अनुसार, 18 सितंबर से 28 सितंबर तक निर्धारित समुद्री क्षेत्र में लाइव हथियारों की फायरिंग की जाएगी। इस तरह करीब दस दिनों तक संबंधित इलाके में सैन्य गतिविधियां जारी रहेंगी।
लाइव फायरिंग के दौरान समुद्र में मौजूद नागरिक जहाजों और अन्य समुद्री गतिविधियों के लिए सुरक्षा क्षेत्र से दूरी बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसी चेतावनियां संभावित जोखिम वाले क्षेत्र की जानकारी देने के लिए जारी की जाती हैं।
हालांकि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस दौरान किस विशेष हथियार प्रणाली या मिसाइल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसलिए इसे किसी विशेष मिसाइल परीक्षण के रूप में बताना उचित नहीं होगा।
नौसैनिक टक्कर के बाद सामने आया ऐलान
15 सितंबर को उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत और पाकिस्तानी नौसेना के PNS हुनैन के बीच टक्कर हुई थी। घटना को लेकर दोनों पक्षों की अपनी-अपनी व्याख्या सामने आई।
भारत की ओर से पाकिस्तानी पोत के संचालन को लेकर सवाल उठाए गए, जबकि पाकिस्तान ने घटना के लिए भारतीय पोत की गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया। दोनों देशों के बीच इस घटना को लेकर राजनयिक स्तर पर भी विरोध दर्ज कराया गया।
ऐसे में टक्कर के कुछ ही दिनों बाद पाकिस्तान की ओर से अरब सागर में लंबे समय तक लाइव फायरिंग की चेतावनी जारी होने से समुद्री गतिविधियों पर ध्यान बढ़ गया है।
पाकिस्तान में जारी है नौसैनिक अभ्यास
पाकिस्तान की नौसेना इन दिनों समुद्री सैन्य अभ्यास भी कर रही है। इन अभ्यासों में नौसैनिक इकाइयों की तैयारियों, समुद्री अभियानों और अलग-अलग परिस्थितियों में संचालन क्षमता को परखा जाता है।लाइव फायरिंग की मौजूदा चेतावनी को इसी व्यापक सैन्य गतिविधि के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि केवल इस चेतावनी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि इसका सीधा संबंध भारत-पाकिस्तान के बीच हुई टक्कर से है।
इसके अलावा पाकिस्तान के ओरमारा क्षेत्र के पास भी कुछ निर्धारित तारीखों के लिए लाइव वेपन फायरिंग की चेतावनी जारी की गई है।
अरब सागर में बढ़ी निगरानी
भारत और पाकिस्तान दोनों की नौसेनाएं अरब सागर में समुद्री सुरक्षा और निगरानी से जुड़ी गतिविधियां करती हैं। सैन्य अभ्यास और लाइव फायरिंग के दौरान समुद्री यातायात को पहले से चेतावनी देना सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होता है।
हालिया नौसैनिक टक्कर के कारण इस समय अरब सागर की सैन्य गतिविधियों को ज्यादा करीब से देखा जा रहा है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पाकिस्तान की ओर से निर्धारित क्षेत्रों में लाइव फायरिंग की बात कही गई है। इसे किसी नए सैन्य टकराव की घोषणा के रूप में नहीं देखा जा सकता।
28 सितंबर तक चलने वाली इस गतिविधि के दौरान संबंधित समुद्री क्षेत्र में आने-जाने वाले जहाजों के लिए जारी सुरक्षा निर्देश महत्वपूर्ण रहेंगे। दोनों देशों के बीच समुद्री गतिविधियों को देखते हुए आने वाले दिनों में अरब सागर पर निगरानी बनी रहने की संभावना है।
