भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में किफायती और कम रनिंग कॉस्ट वाले स्कूटरों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बीच एक इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री में 108 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी के बिक्री आंकड़ों के मुताबिक, इस मॉडल ने कम लागत में लंबी दूरी तय करने की क्षमता और शहरी इस्तेमाल के कारण ग्राहकों का ध्यान आकर्षित किया है।
कम खर्च में ज्यादा दूरी तय करने का दावा
इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वाले ग्राहकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण इसकी कम रनिंग कॉस्ट होती है। पेट्रोल की तुलना में इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने में कम खर्च आता है। इसी वजह से रोजाना ऑफिस, कॉलेज या शहर के भीतर आने-जाने वाले लोगों के बीच इनकी मांग बढ़ रही है।
इस स्कूटर की रनिंग कॉस्ट करीब 25 पैसे प्रति किलोमीटर तक बताई जाती है। यानी लगभग 1 रुपये में 4 किलोमीटर तक का सफर किया जा सकता है। वास्तविक खर्च बिजली की दर, बैटरी की क्षमता, चार्जिंग पैटर्न और ड्राइविंग परिस्थितियों के आधार पर बदल सकता है।
बिक्री में 108 फीसदी का उछाल
कंपनी के बिक्री आंकड़ों में इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। सालाना आधार पर इसकी बिक्री में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।बिक्री में यह तेजी बताती है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। खासतौर पर ऐसे मॉडल जिनकी खरीद कीमत और रोजाना चलाने का खर्च पेट्रोल स्कूटरों की तुलना में प्रतिस्पर्धी हो, उन्हें शहरी ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
शहरों में इलेक्ट्रिक स्कूटर की बढ़ती मांग
भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग का बड़ा हिस्सा शहरों से आता है। रोजाना कम दूरी तय करने वाले ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर पेट्रोल की बढ़ती लागत से बचने का विकल्प देते हैं।
इसके अलावा इलेक्ट्रिक स्कूटर में पेट्रोल इंजन, इंजन ऑयल और कई अन्य पारंपरिक इंजन कंपोनेंट नहीं होते। इससे नियमित रखरखाव की जरूरत भी अलग तरह की होती है। हालांकि बैटरी, टायर, ब्रेक और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की समय-समय पर जांच जरूरी रहती है।
खरीद से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
सिर्फ रनिंग कॉस्ट देखकर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना सही नहीं होगा। ग्राहक को बैटरी क्षमता, वास्तविक रेंज, चार्जिंग समय, वारंटी और सर्विस नेटवर्क की जानकारी भी देखनी चाहिए।
इसके अलावा यह भी जांचना जरूरी है कि कंपनी आपके शहर में सर्विस और स्पेयर पार्ट्स की सुविधा देती है या नहीं। बैटरी की वारंटी और उसकी संभावित रिप्लेसमेंट लागत भी लंबे समय के इस्तेमाल के लिए महत्वपूर्ण होती है।
EV बाजार के लिए बढ़ता संकेत
इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री में लगातार वृद्धि भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में बदलती ग्राहक पसंद को दिखाती है। ईंधन की कीमतों और शहरी परिवहन की जरूरतों के बीच कम रनिंग कॉस्ट वाले इलेक्ट्रिक मॉडल ग्राहकों के लिए आकर्षक विकल्प बन रहे हैं।
1 रुपये में 4 किलोमीटर का दावा निश्चित परिस्थितियों में लागू हो सकता है और वास्तविक खर्च उपयोग के तरीके के अनुसार अलग हो सकता है। फिर भी 108 प्रतिशत की बिक्री वृद्धि यह बताती है कि कम परिचालन लागत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग बाजार में मजबूत हो रही है।
