क्वालिफिकेशन में शानदार प्रदर्शन के बाद फाइनल में पिछड़ी माने-वलारिवान की जोड़ी, मेडल से रह गई दूर
एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग के 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम मुकाबले में भारत को पदक से निराशा हाथ लगी। इलावेनिल वलारिवान और पार्थ माने की भारतीय जोड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई, लेकिन मेडल राउंड में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। भारतीय जोड़ी फाइनल में चौथे स्थान पर रही और कांस्य पदक से भी चूक गई।
क्वालिफिकेशन में भारत ने दिखाई मजबूती
इलावेनिल वलारिवान और पार्थ माने ने क्वालिफिकेशन राउंड में 634.6 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय जोड़ी दूसरे स्थान पर रही और मेडल राउंड के लिए क्वालिफाई किया। क्वालिफिकेशन में भारतीय निशानेबाजों ने लगातार सटीक निशाने लगाए और मुकाबले में अपनी स्थिति मजबूत रखी।
इस प्रदर्शन के बाद फाइनल में भारत से पदक की उम्मीद बढ़ गई थी। दोनों खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन और पहले के मुकाबलों को देखते हुए भारतीय जोड़ी को मेडल के दावेदारों में माना जा रहा था।
फाइनल में नहीं चल सका निशाना
मेडल राउंड शुरू होने के बाद भारतीय जोड़ी को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। शुरुआती शॉट्स के बाद भारत शीर्ष तीन में जगह बनाने के लिए संघर्ष करता नजर आया। चीन, दक्षिण कोरिया और जापान की जोड़ियों ने शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया।भारतीय जोड़ी फाइनल के दौरान चौथे स्थान पर बनी रही। मुकाबला आगे बढ़ने के साथ भारत ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन अंक अंतर को कम करना आसान नहीं रहा। आखिरकार भारतीय जोड़ी पदक की दौड़ से बाहर हो गई।
चीन ने जीता स्वर्ण पदक
फाइनल में चीन की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चीन के निशानेबाजों ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और अंतिम चरण तक अपने प्रदर्शन को बरकरार रखा।
दक्षिण कोरिया ने रजत पदक हासिल किया, जबकि जापान की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत चौथे स्थान पर रहा और इस तरह मामूली अंतर से पदक से बाहर हो गया।
क्वालिफिकेशन और फाइनल में दिखा अंतर
भारतीय जोड़ी के प्रदर्शन में क्वालिफिकेशन और फाइनल के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला। क्वालिफिकेशन में जहां दोनों निशानेबाजों ने लगातार अच्छा स्कोर किया था, वहीं फाइनल में दबाव के बीच प्रदर्शन उसी स्तर पर नहीं रह सका।
मिक्स्ड टीम स्पर्धा में दोनों खिलाड़ियों के स्कोर को लगातार जोड़कर टीम का कुल स्कोर तैयार होता है। ऐसे में एक-दो कमजोर शॉट भी टीम की स्थिति पर असर डाल सकते हैं। भारत के लिए भी फाइनल में यही चुनौती देखने को मिली।
पहले भी पदक जीत चुके हैं दोनों खिलाड़ी
इलावेनिल वलारिवान और पार्थ माने के लिए यह प्रतियोगिता पूरी तरह निराशाजनक नहीं रही है। दोनों खिलाड़ी इससे पहले भी भारतीय शूटिंग टीम के साथ पदक जीत चुके हैं। इसलिए मिक्स्ड टीम मुकाबले में भी उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी।
हालांकि, इस बार फाइनल में चौथे स्थान पर रहने के कारण भारतीय जोड़ी पोडियम तक नहीं पहुंच सकी। इसके बावजूद क्वालिफिकेशन में उनका प्रदर्शन भारतीय शूटिंग दल के लिए सकारात्मक पहलू रहा।
आगे की स्पर्धाओं पर नजर
मिश्रित टीम मुकाबले में पदक से चूकने के बाद भारतीय शूटिंग दल की नजर अब बाकी स्पर्धाओं पर होगी। शूटिंग में भारत के कई निशानेबाज अलग-अलग वर्गों में चुनौती पेश कर रहे हैं।
माने और वलारिवान की जोड़ी के लिए यह मुकाबला भले ही पदक के लिहाज से निराशाजनक रहा, लेकिन दोनों के प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय निशानेबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं।
