अरब सागर में सुरक्षा एजेंसियों को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एक ईरानी नाव से करीब 526 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। जब्त की गई खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 3,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी हिरासत में लिया गया है।
समुद्र में संदिग्ध नाव पर रखी गई नजर
सुरक्षा एजेंसियों को समुद्री रास्ते से नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित इनपुट मिलने के बाद अरब सागर में निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी दौरान एक संदिग्ध ईरानी धौ पर नजर गई।
सुरक्षाबलों ने समुद्र में नाव को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध नशीले पदार्थ बरामद हुए। इसके बाद नाव में मौजूद लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
526 किलो नशीले पदार्थ मिलने का दावा
तलाशी अभियान के दौरान करीब 526 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद किए गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जब्त सामग्री में हेरोइन और मेथामफेटामाइन जैसे नशीले पदार्थ शामिल होने की बात सामने आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस पूरी खेप की कीमत लगभग 3,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी को समुद्री रास्ते से होने वाली ड्रग्स तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिक हिरासत में
कार्रवाई के दौरान नाव पर मौजूद पांच पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये लोग इस खेप से किस तरह जुड़े थे।
पूछताछ में नशीले पदार्थों के स्रोत, नाव के समुद्री मार्ग और खेप की संभावित मंजिल से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
नाव और जब्त सामान को मुंबई लाया गया
कार्रवाई के बाद ईरानी नाव, उसमें मौजूद लोगों और बरामद नशीले पदार्थों को सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुंबई लाया गया। इसके बाद संबंधित एजेंसियों ने आगे की जांच शुरू की।जांच के दौरान नाव से जुड़े दस्तावेज, समुद्री यात्रा का रूट और संचार से संबंधित जानकारियों की भी जांच की जा सकती है। इससे तस्करी के पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है।
समुद्री रास्ते से तस्करी पर एजेंसियों की नजर
अरब सागर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री गतिविधियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां अवैध तस्करी पर भी नजर रखती हैं। नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए समुद्री निगरानी, खुफिया सूचनाओं और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी के बाद जांच का फोकस केवल जब्त सामग्री तक सीमित नहीं रहता। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करती हैं कि खेप कहां से आई, किसके लिए भेजी गई थी और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।
आगे की जांच से खुलेगा तस्करी नेटवर्क का राज
पांचों हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के अलावा जब्त नशीले पदार्थों की फोरेंसिक और कानूनी जांच भी की जाएगी। एजेंसियां इस मामले में संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और तस्करी के नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेंगी।
फिलहाल इस कार्रवाई से जुड़ी जांच जारी है। आने वाले समय में पूछताछ और जांच के आधार पर इस पूरे मामले में और गिरफ्तारियां या बरामदगी सामने आ सकती है।यह कार्रवाई समुद्री मार्ग से भारत में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पहुंचाने की कोशिश के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी को भी रेखांकित करती है।
