Thursday, October 8, 2026
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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, अभिजीत दीपके ने बताया- जंतर-मंतर पर कब होगा अगला आंदोलन?

by Sagar Sharma
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहा विवाद अब विरोध प्रदर्शन की घोषणा तक पहुंच गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन जारी रहेगा। दीपके ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की तारीख को लेकर भी नया अपडेट दिया है।

2 अक्टूबर का जंतर-मंतर प्रदर्शन फिलहाल टला

पहले 2 अक्टूबर, यानी गांधी जयंती के दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की बात कही गई थी। हालांकि, मौजूदा जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस की ओर से इस प्रदर्शन को अभी तक अनुमति नहीं मिली है। इसके बाद दीपके ने कहा है कि जंतर-मंतर पर आंदोलन को फिलहाल टाल दिया गया है और इसे अक्टूबर के अंत तक आयोजित करने की योजना है।

इस बीच 2 अक्टूबर को मुंबई से आंदोलन शुरू करने की बात कही गई है। दीपके के अनुसार इसके बाद विरोध को देश के दूसरे शहरों तक ले जाने की योजना है। उन्होंने कहा है कि जब तक उनकी ओर से उठाई गई मुख्य मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

SIR को लेकर उठाए जा रहे हैं सवाल

इस पूरे विवाद का एक प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। दीपके और उनके संगठन ने SIR की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, ऐसे आंकड़े संगठन की ओर से किए गए दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

दीपके का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह का बदलाव पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए और पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

CEC की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग

दीपके ने केवल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग ही नहीं की है, बल्कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया में भी बदलाव की मांग उठाई है। उनका कहना है कि CEC की नियुक्ति पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए और इसमें नागरिक समाज की भागीदारी का प्रावधान होना चाहिए।

CEC और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर मौजूदा कानूनी व्यवस्था में चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री शामिल होते हैं। 2023 के कानून में चयन प्रक्रिया से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाए जाने को लेकर भी सार्वजनिक बहस होती रही है।

मुंबई से शुरू होगा अगला चरण

दीपके के मुताबिक 2 अक्टूबर को मुंबई में विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा है कि मुंबई के बाद आंदोलन को अन्य राज्यों और शहरों तक ले जाया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति को लेकर प्रशासन और आयोजकों के बीच स्थिति अलग-अलग समय पर बदलती रही है, इसलिए कार्यक्रम की अंतिम स्थिति स्थानीय प्रशासन की अनुमति पर निर्भर करेगी।

फिलहाल दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को अक्टूबर के अंत तक टालने की बात सामने आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आयोजक नई तारीख और कार्यक्रम को लेकर क्या आधिकारिक घोषणा करते हैं।

विवाद के बीच राजनीतिक और संस्थागत बहस जारी

ज्ञानेश कुमार को लेकर उठे सवाल केवल एक संगठन तक सीमित नहीं हैं। SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और समूहों की ओर से भी सवाल उठाए गए हैं। दूसरी ओर, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर बहस के बीच सभी दावों और आरोपों को संबंधित पक्षों के बयानों के संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल अभिजीत दीपके की ओर से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन को अक्टूबर के अंत तक टालने की बात कही गई है, जबकि 2 अक्टूबर से मुंबई में आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया गया है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक अनुमति और आयोजकों की अगली घोषणा से कार्यक्रम की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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