प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 30 सितंबर 2026 को फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बातचीत में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण तकनीकों सहित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की गई।
व्यापारिक रिश्तों को लेकर हुई बातचीत
दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत और अमेरिका के आर्थिक एवं व्यापारिक संबंध प्रमुख विषयों में रहे। दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने और आर्थिक सहयोग को आगे ले जाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।भारत और अमेरिका के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के साथ निवेश, बाजार पहुंच और आपूर्ति श्रृंखला जैसे विषय भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में शीर्ष स्तर पर हुई बातचीत को दोनों देशों के आर्थिक संवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है।
रक्षा साझेदारी पर भी हुआ विचार-विमर्श
मोदी और ट्रंप ने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग की भी समीक्षा की। दोनों देशों के बीच रक्षा तकनीक, सैन्य अभ्यास, उपकरण और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग जारी है।
फोन पर हुई बातचीत में रणनीतिक और सुरक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग भारत-अमेरिका साझेदारी का एक प्रमुख हिस्सा है।
ऊर्जा और टेक्नोलॉजी पर फोकस
बातचीत के दौरान ऊर्जा क्षेत्र और महत्वपूर्ण तकनीकों से जुड़े सहयोग पर भी चर्चा हुई। ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखलाएं दोनों देशों के लिए अहम क्षेत्र हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, उन्नत तकनीक और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को लेकर भारत और अमेरिका के बीच पहले से संवाद जारी है। फोन वार्ता में भी इन क्षेत्रों को महत्व दिया गया।
वैश्विक परिस्थितियों पर भी हुई चर्चा
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए। वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती परिस्थितियों के बीच भारत और अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व के बीच सीधा संवाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक संपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आगे भी जारी रहेगा संवाद
फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर चर्चा की।आने वाले समय में दोनों देशों के अधिकारी व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर आगे की बातचीत कर सकते हैं। शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई यह बातचीत दोनों देशों के बीच जारी संवाद को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी है।
