अभिनेता आर. माधवन के बेटे और भारतीय तैराक वेदांत माधवन के लिए एशियन गेम्स 2026 का डेब्यू बेहद करीबी अंतर वाली चुनौती के साथ शुरू हुआ। पुरुषों की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में भारतीय टीम फाइनल में जगह बनाने से महज 0.22 सेकंड पीछे रह गई। टीम ने 7 मिनट 24.32 सेकंड का समय दर्ज किया और नौवें स्थान पर रही
फाइनल में पहुंचने वाली आठवीं टीम का समय 7 मिनट 24.10 सेकंड था। इस तरह भारत और फाइनल के बीच अंतर एक सेकंड के चौथाई हिस्से से भी कम रहा
फाइनल की जगह नौवें स्थान पर खत्म हुआ सफर
भारतीय टीम में वेदांत के अलावा साजन प्रकाश, दक्षन शशिकुमार और अनीश सुनील शामिल थे। चारों तैराकों ने मिलकर 7:24.32 का समय निकाला।प्रतियोगिता में शीर्ष आठ टीमों को फाइनल में जगह मिलनी थी। भारत का समय नौवें स्थान के लिए पर्याप्त रहा, लेकिन फाइनल में पहुंचने के लिए जरूरी सीमा से टीम मामूली अंतर से पीछे रह गई।इस परिणाम ने भारतीय दल के लिए निराशा जरूर पैदा की, लेकिन प्रदर्शन और फाइनल के बीच का अंतर बेहद कम रहा।
वेदांत खुद भी बेहद करीब रहे
वेदांत ने रिले के बाद अपने प्रदर्शन को लेकर भी जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, वह व्यक्तिगत तौर पर सर्वश्रेष्ठ भारतीय प्रदर्शन से करीब 0.5 सेकंड पीछे रहे।
वेदांत के पिता आर. माधवन ने भी बेटे के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उनका हौसला बढ़ाया। बेटे के एशियन गेम्स डेब्यू में मिली इस करीबी चूक के बावजूद उन्होंने समर्थन जाहिर किया।
पहली बार एशियन गेम्स में उतरे वेदांत
21 वर्षीय वेदांत माधवन पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय तैराकी में वह पहले भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और अब एशियाई स्तर की इस बड़ी प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन नजरों में है।
रिले में फाइनल से चूकने के बाद भी वेदांत के पास अपनी व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रदर्शन सुधारने का अवसर मौजूद है।
अब व्यक्तिगत स्पर्धाओं पर नजर
वेदांत 23 सितंबर को 200 मीटर फ्रीस्टाइल में हिस्सा लेने वाले हैं। इसके बाद 25 सितंबर को 200 मीटर बैकस्ट्रोक में भी वह प्रतिस्पर्धा करेंगे।इन दोनों स्पर्धाओं में उनका प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि रिले में भारतीय टीम फाइनल की सीमा के बेहद करीब पहुंची थी। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में वेदांत के पास अपनी तैयारी और क्षमता के आधार पर बेहतर परिणाम हासिल करने का मौका होगा।
भारतीय तैराकी दल के लिए भी अहम मुकाबले
एशियन गेम्स में भारतीय तैराकी दल की नजर कई स्पर्धाओं पर है। रिले में भारतीय टीम फाइनल से बाहर हुई, जबकि अन्य भारतीय तैराक भी अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक और फाइनल की दौड़ में बने हुए हैं
वेदांत के लिए अब चुनौती यह होगी कि रिले की निराशा को पीछे छोड़कर व्यक्तिगत मुकाबलों पर ध्यान केंद्रित किया जाए। 200 मीटर फ्रीस्टाइल और 200 मीटर बैकस्ट्रोक में उनका प्रदर्शन उनके एशियन गेम्स अभियान की अगली तस्वीर तय करेगा।
रिले में फाइनल का टिकट भले ही 0.22 सेकंड से छूट गया हो, लेकिन प्रतियोगिता में वेदांत का सफर अभी जारी है। आने वाले मुकाबलों में उनके प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्रशंसकों की नजर बनी रहेगी।
