Thursday, October 8, 2026
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अजीत डोभाल बोले- आज की युवा पीढ़ी बेहद खास, हजार साल में मिले इतने अवसर शायद ही किसी को मिले हों

by Sagar Sharma
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए आज की युवा पीढ़ी के सामने मौजूद अवसरों और तेजी से बदलती दुनिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी ऐसे दौर में आगे बढ़ रही है, जहां शिक्षा, तकनीक और वैश्विक स्तर पर काम करने के अवसर पहले की तुलना में काफी अधिक हैं। उन्होंने युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और इन अवसरों का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी।

युवाओं को अपनी ताकत पहचानने की जरूरत

अजीत डोभाल ने छात्रों से कहा कि शायद उन्हें पूरी तरह अंदाजा नहीं है कि वे कितने महत्वपूर्ण समय में अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। उनके मुताबिक, आज की पीढ़ी को जिस तरह की सुविधाएं, तकनीकी संसाधन और अवसर मिल रहे हैं, वे इतिहास के कई दौर में उपलब्ध नहीं थे।

उन्होंने युवाओं को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहने का संदेश दिया। उनके अनुसार शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य ज्ञान और क्षमता का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर करना है। आज के युवा अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से देश, समाज और दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान दे सकते हैं।

तकनीक बदल रही है दुनिया

डोभाल ने तकनीकी बदलावों को आने वाले समय का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, संचार व्यवस्था और आधुनिक विज्ञान तेजी से दुनिया के काम करने के तरीके को बदल रहे हैं।ऐसे समय में युवाओं के लिए सिर्फ पारंपरिक ज्ञान पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें लगातार नई तकनीकों को समझना, सीखना और उनके प्रभाव को पहचानना होगा। तकनीकी बदलावों के साथ खुद को अपडेट रखने वाले युवाओं के लिए नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं।

अपने पुराने अनुभव का भी किया जिक्र

अपने संबोधन के दौरान अजीत डोभाल ने करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने सिक्किम में अपनी तैनाती के समय हुए एक खुफिया मिशन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सीमा क्षेत्र में भेजी गई एक टीम तय समय पर वापस नहीं लौटी थी। बाद में पता चला कि टीम के सदस्यों को चीनी सेना ने हिरासत में ले लिया था।डोभाल ने बताया कि उस समय उन्हें लगा था कि इस घटना का उनके करियर पर गंभीर असर पड़ सकता है। हालांकि बाद में हुई जांच में सामने आया कि मिशन से जुड़ी कुछ तैयारियों और उपलब्ध कराए गए नक्शों में खामियां थीं।

उन्होंने इस घटना से मिली सीख को छात्रों के सामने रखते हुए लक्ष्य की स्पष्टता पर जोर दिया। उनके मुताबिक किसी भी मंजिल तक पहुंचने के लिए पहले यह समझना जरूरी है कि व्यक्ति वर्तमान में कहां खड़ा है, उसे कहां पहुंचना है और वहां तक जाने का सही रास्ता क्या है।

माता-पिता और शिक्षकों को भी दी बधाई

दीक्षांत समारोह के दौरान डोभाल ने डिग्री हासिल करने वाले छात्रों के साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि छात्रों की सफलता के पीछे परिवार और शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और अपनी शिक्षा का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ करने का संदेश दिया। उनके संबोधन में व्यक्तिगत सफलता के साथ व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का भी उल्लेख रहा।

बदलती दुनिया में युवाओं की बड़ी भूमिका

आज दुनिया में तकनीक, अर्थव्यवस्था और वैश्विक संबंधों के स्तर पर तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे माहौल में नई पीढ़ी की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। आईआईटी जैसे संस्थानों से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के सामने विज्ञान, तकनीक, प्रबंधन, शोध और उद्यमिता सहित कई क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर हैं।

अजीत डोभाल का संदेश मुख्य रूप से इसी बात पर केंद्रित रहा कि युवाओं को अपने सामने मौजूद अवसरों को पहचानना चाहिए और अपनी क्षमताओं को सही दिशा में इस्तेमाल करना चाहिए। उनका संबोधन छात्रों को यह याद दिलाता है कि डिग्री हासिल करना मंजिल नहीं, बल्कि एक नए सफर की शुरुआत है।

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