सुपरटेक के लंबे समय से अटके हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा कराने की प्रक्रिया में एक बार फिर देरी का मुद्दा सामने आया है। इन परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी NBCC को दी गई है, लेकिन निर्माण से जुड़े कई जरूरी कदम तय समय के अनुसार आगे नहीं बढ़ पाए हैं। इसी को लेकर NCLAT ने चिंता जताई है। खासतौर पर Interim Resolution Professional (IRP) की नियुक्ति में देरी और परियोजनाओं की प्रगति को लेकर ट्रिब्यूनल ने संबंधित पक्षों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
इन परियोजनाओं में हजारों घर खरीदारों के फ्लैट शामिल हैं। लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे खरीदारों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि निर्माण कार्य कब तेज होगा और अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की नई समयसीमा क्या होगी।
हजारों परिवारों की उम्मीदें इन प्रोजेक्ट्स से जुड़ी
सुपरटेक के 16 अटके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा कराने की प्रक्रिया चल रही है। ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत अलग-अलग राज्यों में स्थित हैं। इन परियोजनाओं में करीब 49,748 आवासीय यूनिट्स शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
लंबे समय से निर्माण कार्य प्रभावित रहने के कारण बड़ी संख्या में खरीदार अपने घरों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में परियोजनाओं से जुड़ी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया में होने वाली देरी का सीधा असर निर्माण की गति पर पड़ सकता है।
NBCC के हाथ में है निर्माण की कमान
इन अटके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए NBCC को Project Management Consultant की जिम्मेदारी दी गई है। इसका उद्देश्य अलग-अलग परियोजनाओं की स्थिति का आकलन करते हुए निर्माण कार्य को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है।NBCC को परियोजनाओं के लिए जरूरी निर्माण प्रक्रिया, एजेंसियों के साथ समन्वय और प्रोजेक्ट्स को पूरा कराने की दिशा में काम करना है। अब चुनौती यह है कि सभी लंबित प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जाए, ताकि जमीन पर निर्माण की रफ्तार बढ़ सके।
IRP की नियुक्ति में देरी बनी बड़ी अड़चन
मामले में IRP की नियुक्ति भी एक अहम मुद्दा बनकर सामने आई है। IRP की भूमिका परियोजनाओं से जुड़े वित्तीय और कानूनी मामलों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होती है।
लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में देरी के कारण आगे की कार्यवाही को लेकर सवाल उठे हैं। NCLAT के सामने यह मुद्दा आने के बाद संबंधित प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया है। नियुक्ति के लिए संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करना जरूरी है।
निर्माण की समयसीमा पर भी मांगी गई स्पष्टता
प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए पहले से अलग-अलग समयसीमा निर्धारित की गई थी। इसमें निर्माण कार्य के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति और काम शुरू करने जैसे चरण शामिल थे। हालांकि, कुछ प्रक्रियाएं तय समय के अनुसार पूरी नहीं हो पाईं।
इसी वजह से परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति और आगे की कार्ययोजना को लेकर स्पष्ट जानकारी मांगी जा रही है। NCLAT ने प्रोजेक्ट्स की प्रगति और लंबित कार्यों को लेकर स्पष्ट टाइमलाइन की जरूरत पर जोर दिया है।
दस्तावेजों की कमी से भी प्रभावित हो सकता है काम
निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी दस्तावेजों की उपलब्धता भी अहम है। कुछ मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण संबंधित प्रक्रियाओं में देरी की बात सामने आई है।ऐसे में पहले यह पहचानना जरूरी है कि कौन-कौन से दस्तावेज लंबित हैं और उन्हें किस स्तर से उपलब्ध कराया जाना है। दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण और प्रशासनिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में आसानी हो सकती है।
अब खरीदारों की नजर जमीन पर होने वाले काम पर
सुपरटेक के घर खरीदारों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि कागजी और कानूनी प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य कितनी तेजी से आगे बढ़ता है। NBCC की जिम्मेदारी तय होने के बाद खरीदारों की नजर परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति पर है।
IRP की नियुक्ति, दस्तावेजों की उपलब्धता, ठेकेदारों से जुड़ी प्रक्रिया और निर्माण की नई समयसीमा जैसे मुद्दों को जल्द सुलझाना महत्वपूर्ण है। NCLAT की हालिया कार्यवाही के बाद इन मामलों में आगे होने वाली कार्रवाई पर घर खरीदारों की नजर बनी रहेगी।
