Saturday, October 31, 2026
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सिंहेश्वर धाम में आस्था के सैलाब के बीच मची अफरा-तफरी, कई श्रद्धालु घायल

by Sagar Sharma
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मधेपुरा, बिहार: सावन की अंतिम सोमवारी के मौके पर बिहार के प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। बाबा सिंहेश्वरनाथ के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने के साथ मंदिर के प्रवेश क्षेत्र में दबाव बढ़ गया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस दौरान बैरिकेडिंग टूट गई, जिसके बाद कई श्रद्धालु गिर पड़े और अफरा-तफरी मच गई। घटना में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। एक पुलिसकर्मी के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।

अंतिम सोमवारी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

सावन के आखिरी सोमवार को सिंहेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लग गई थी। अंतिम सोमवारी होने के कारण मधेपुरा के अलावा आसपास के जिलों और दूसरे क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। प्रशासन ने पहले से ही भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की थी

बताया गया था कि इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग के जरिए श्रद्धालुओं को कतार में प्रवेश कराने और पूजा के बाद व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालने की योजना बनाई थी।

अचानक बढ़ा दबाव, टूट गई बैरिकेडिंग

सोमवार सुबह करीब 8 बजे के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। जलाभिषेक के लिए आगे बढ़ने की कोशिश में कतार में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भीड़ के दबाव के कारण बैरिकेडिंग टूट गई और कुछ ही देर में वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

लोगों के अचानक इधर-उधर भागने से कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। कुछ श्रद्धालुओं को तत्काल भीड़ से बाहर निकाला गया।

आधा दर्जन श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना में करीब छह श्रद्धालु घायल हुए हैं। इनमें चार महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं। भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी भी चोटिल हुआ। सभी घायलों को इलाज के लिए JNKT मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मधेपुरा ले जाया गया

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में किसी श्रद्धालु की मौत की सूचना नहीं है। घायलों की स्थिति और उनकी चोटों की गंभीरता को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया। श्रद्धालुओं को जल्दबाजी न करने और धक्का-मुक्की से बचने की अपील की गई। प्रशासन की प्राथमिकता अब मंदिर परिसर में भीड़ को व्यवस्थित रखना और किसी दूसरी अप्रिय घटना को रोकना है।

सिंहेश्वर मंदिर में अंतिम सोमवारी के लिए पहले से ही अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की गई थी। जिला प्रशासन के आदेश के मुताबिक, 23 अगस्त की रात से ही मंदिर परिसर में अलग-अलग पालियों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग के जरिए नियंत्रित करने और पूजा के बाद सुरक्षित बाहर निकालने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई थी।

बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन पर सवाल

सिंहेश्वर मंदिर की घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जब किसी धार्मिक स्थल पर एक साथ बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, तो प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते, मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त पुलिस बल और मेडिकल इमरजेंसी व्यवस्था बेहद जरूरी हो जाती है।

फिलहाल सिंहेश्वर मंदिर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और प्रशासन श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन और जलाभिषेक कराने की कोशिश कर रहा है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, ताकि सावन की अंतिम सोमवारी पर उमड़ी भीड़ के बीच कोई और हादसा न हो।

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